ONE के यूएस डेब्यू में जिंदगी की सबसे बड़ी फाइट करने जा रहीं डियांड्रा मार्टिन – ‘मैं एक सपना जी रही हूं’

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डियांड्रा मार्टिन ऑस्ट्रेलिया की सबसे बेहतरीन मॉय थाई स्टार्स में से एक हैं।

6 मई को ऐतिहासिक ONE Fight Night 10: Johnson vs. Moraes III में जैकी बुंटान के खिलाफ 27 साल की स्ट्रॉवेट एथलीट अपनी तीसरी ONE Championship बाउट की तैयारी कर रही हैं, जहां ग्लोबल फैन बेस के सामने एक यादगार प्रदर्शन उनकी स्थिति मजबूत करेगा।

कोलोराडो के 1stBank सेंटर में होने वाले कड़े मुकाबले से पहले आइए मार्टिन और उनके बेहतरीन मॉय थाई फाइटर बनने के सफर के बारे में विस्तारपूर्वक जान लेते हैं।

माता-पिता ने बनाया रास्ता

मार्टिन के माता-पिता भारत से कैनबरा (ऑस्ट्रेलिया) आ गए, जहां उनका जन्म हुआ। उन्हें लगा था कि वहां कम संभावनाएं हैं और वो अपने भावी परिवार को ज्यादा बेहतर मौके देना चाहते थे।

मार्टिन की मां दक्षिण अफ्रीका के उच्चायुक्त के लिए काम करती थीं और पिता बुजुर्गों की देखभाल करते थे। इसके साथ ही वो अपने बच्चों को उस तरह का आरामदायक जीवन देने में सक्षम थे, जिसका उन्होंने सपना देखा था।

मार्टिन ने याद करते हुए बतायाः

“माता-पिता बनने से पहले ही 33 साल पूर्व वो यहां आ गए थे। मुझे लगता है कि वो बस हमारे लिए एक बेहतर भविष्य और अच्छी शिक्षा चाहते थे। इस वजह से उन्हें लगा कि शायद भारत में ऐसा कर पाना और सारी सुविधाएं मुहैया करा पाना थोड़ा मुश्किल होगा।

“असलियत में ये देश काफी अच्छा और शांत है। मुझे यहां पढ़ाई और काम करना काफी आसान लगा। इस लिहाज से ये एक अच्छी परवरिश थी।”

मार्टिन स्पोर्ट्स से जुड़ी रहने वाली युवा थीं और उन्होंने कई साल में अलग-अलग खेलों में हाथ आज़माने की कोशिश की, लेकिन किसी भी एक चीज़ पर वो टिक नहीं सकीं।

ऐसे में जब भविष्य चुनने की बात आई तो उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वो एक प्रोफेशनल एथलीट बनेंगी। हालांकि, उन्होंने इसमें रुचि बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज़ फिजियोलॉजी में डिग्री हासिल की।

उन्होंने बतायाः

“मैंने बहुत से खेलों में हाथ आज़माया था। मैं हॉकी और फुटबॉल भी खेला करती थी। मुझे लगता था कि ये ऐसे खेल नहीं, जो मेरा लंबे समय तक मनोरंजन कर पाएं। फिर भी मुझे इनमें मज़ा आया। हालांकि, इन सबसे जुड़कर मैंने खुद में उतना सुधार नहीं देखा, जितना मैं चाहती थी।

“18 साल की उम्र तक मुझे नहीं पता था कि मैं क्या करना चाहती हूं। पैरेंट्स ने कहा कि मुझे डेस्क जॉब या कोई एक चीज़ चुननी होगी। असलियत में, मैं कोई डेस्क जॉब या गतिहीन जीवन जीने में बिल्कुल यकीन नहीं रखती थी। इस वजह से सोचा कि मैं यूनिवर्सिटी जाऊंगी और देखूंगी कि वहां क्या कर सकती हूं।”

एक नया जुनून

यूनिवर्सिटी में ही उनका परिचय मॉय थाई से हुआ, लेकिन शुरू में उन्हें नहीं पता था कि इसमें उनका करियर बन पाएगा भी या नहीं।

वो जब 19 साल की थीं, तब एक दोस्त के साथ इसकी क्लास में गई थीं। ऐसे में जिम के अंदर मिलने वाली अनुभूति और पारस्परिक विश्वास की भावना का उन्होंने आनंद लिया।

ऑस्ट्रेलियाई एथलीट ने कहाः

“मैंने उस वक्त शुरुआत की, जब फ्रेंडशिप वीक था और मेरी दोस्त मुझे वहां लेकर गई थी। मैं बस आगे बढ़ना चाहती थी और इसमें अपना आत्मविश्वास विकसित करना चाहती थी। मैं वहां सिर्फ सेल्फ डिफेंस ही सीखती थी।

“मेरा पहला सेशन पैड वर्क का था। मैंने कुछ तकनीकें सीखीं और पैड्स पर हिट किया। उसके बाद मेरी दोस्त बॉक्सिंग के लिए रुकना चाहती थी। मैंने सोचा मैं भी रुककर उसे आजमाती हूं। मुझे रिंग में सामने एक बड़ा फाइटर मिला, तब लगा कि मैं घर टूटी नाक व कुछ और चोटों के साथ जाने वाली हूं।

“लेकिन वहां बहुत मज़ा आया। वहां हर कोई अच्छा था। उन्होंने आहिस्ते से चीजें सिखाईं, जो मुझे अच्छी लगीं। विशेषकर, तब जब मैं इसे पहली बार आज़मा रही थी। बस, इन्हीं सब चीजों ने मुझे इसका दीवाना बना दिया।”

वो हमेशा अलग-अलग खेलों में सक्रिय और उसे सीखती रही थीं, लेकिन मार्टिन ने जल्द ही मॉय थाई को एक नए स्तर से देखना शुरू कर दिया।

उन्हें “द आर्ट ऑफ 8 लिम्ब्स” के हर पहलू से मोहब्बत हो गई, जिसमें ट्रेनिंग से लेकर प्रतिस्पर्धा तक शामिल थी। इससे पहले कि इसे जानतीं, वो एक प्रोफेशनल फाइटर बन चुकी थीं।

MuayU प्रतिनिधि ने कहा:

“वो पहला ऐसा मौका था, जब मुझे जोश का एहसास हुआ और मैंने उसे अलग तरह से टेस्ट किया। इसने मुझे उसमें खो जाने के लिए प्रोत्साहित किया। मैं तब तक आगे बढ़ती गई, जब तक मेरा पहला मुकाबला नहीं हो गया।

“फिर जब पहली फाइट में जोश के एहसास के साथ जीतकर हाथ ऊपर किया तो वैसा अनुभव मैंने पहले कभी महसूस नहीं किया था। इसके बाद मैं रुकी नहीं और आज मैं यहां हूं।”

बहन का मिल गया मॉय थाई में साथ

जल्द ही मार्टिन की बहन डेविना मार्टिन की भी मॉय थाई में दिलचस्पी जाग गई।

अब उन्होंने भी ONE के साथ करार कर लिया। युवा एथलीट ने इसे आज़माने में देर नहीं की क्योंकि उन्होंने देखा कि बड़ी बहन को इसमें कितना मजा आ रहा और उन्होंने इसमें जाने के बाद कभी मुड़कर भी नहीं देखा।

डियांड्रा ने कहाः

“मैंने इसकी शुरुआत की और करीब एक साल बाद इसमें निपुण हो पाई। फिर मैंने बहन से कहा और उसने भी इसे ट्राई किया। उसे भी मेरी तरह इससे प्यार हो गया और इसे हम तब से कर रहे हैं।

“वो मुझसे बराबरी करती है। बस वो ही एक ऐसी है, जो अगर मुझे जोर से मारती है तो मैं उसे और जोर से मारती हूं। फिर भी ये मज़ेदार होता है क्योंकि हम हर बार एक-दूसरे को हराना चाहते हैं और ईमानदारी से हम ऐसा ही करते हैं।”

बहन उन्हें पुश कर प्रतिस्पर्धा के लिए उकसाती हैं, जो बड़ी बहन को बेहतर बनाने में मददगार साबित होता है। दरअसल, वो जानती हैं कि जब राउंड खत्म हो जाएगा और ग्लव्स उतर जाएंगे तो दोनों के बीच कोई प्रतिद्वंदिता नहीं रहेगी और ना ही कोई किसी को चोट पहुंचाएगा।

ट्रेनिंग में एक-दूसरे को आगे बढ़ाने में मदद करने के बाद वो एक-दूसरे का हमेशा साथ देती हैं क्योंकि दोनों ही मार्शल आर्ट्स में बुलंदियां हासिल करना चाहती हैं।

उन्होंनें विस्तार से बतायाः

“हां, मैं सच में उनसे प्रतिस्पर्धा करती हूं और उस अतिरिक्त मुकाबले का फायदा भी होता है। मेरे पास ऐसे लोग हैं, जो हमेशा मुझे परख सकते हैं। ये अच्छी बात है कि लोग आपके साथ जुड़े हुए हैं, खासकर मेरी छोटी बहन।

“मुकाबले के दौरान तनाव पैदा होता है और मैच खत्म होने के बाद ऐसा लगता है, जैसे कुछ हुआ ही नहीं। ये अच्छी बात है कि ट्रेनिंग के दौरान हम प्रोफेशनल रहते हैं। एक बार ट्रेनिंग खत्म होती है तो हम फिर से नॉर्मल हो जाते हैं क्योंकि हम एक साथ जो रहते हैं।”

शानदार प्रदर्शन के लिए तैयार

अपने पीछे एक मजबूत समर्थन के साथ मार्टिन ने मॉय थाई में खुद को आगे बढ़ाया है।

उनकी ONE में एकमात्र हार वर्तमान विमेंस स्ट्रॉवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन स्मिला “द हरिकेन” संडेल के खिलाफ जुझारू प्रदर्शन के बाद आई थी। फिर भी बीते साल हुई जीत ने उन्हें खिताब के करीब पहुंचा दिया है। कुछ बड़ा करने के लिए आत्मविश्वास से भरी ऑस्ट्रेलियाई फाइटर का मानना है कि वो टॉप पर जा सकती हैं।

उनका ये सफर 6 मई को यूएस की धरती पर पहली बार होने वाले शो में जैकी बुंटान के खिलाफ बाउट के साथ जारी रहेगा। अगर वो अपना जलवा दिखाने में सफल रहीं तो खिताब के लिए संडेल से मार्टिन रीमैच का दावा पेश करेंगी।

बहुत कुछ दांव पर लगा होने की वजह से वो अपनी स्ट्राइकिंग के नए पहलुओं को उजागर करने का वादा कर रही हैं और अपनी जिंदगी के सबसे बड़े मैच के हर पल को जीना चाहती हैंः

“ये बढ़िया है। मैं इस इवेंट में बाउट करने के लिए उत्साहित हूं। एक एथलीट के रूप में मैंने स्मिला और एम्बर किचन के खिलाफ फाइट करके दुनिया भर के फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बड़े एथलीट्स का नाम लेना, कभी किसी को मना ना करना और इस खेल में पहचान बनाना ही मेरे लिए बड़ी उपलब्धि की तरह है।

“अब अमेरिका जाकर दुनिया को दिखा सकती हूं कि मैं क्या कर सकती हूं। कितने लोग ऐसा कहते होंगे कि उन्हें अपने खेल के लिए दुनिया घूमने का मौका मिलता है? मैं एक सपना जी रही हूं, जिसके बारे में मैंने कभी सोचा नहीं था।

“अब आप एक नई डियांड्रा देखने जा रहे हैं। अब आपको वो पुरानी चीजें नहीं देखने को मिलने वाली हैं। ऐसे में अपना पॉपकॉर्न लेकर तैयार हो जाइए क्योंकि ये एक बढ़िया शो होने वाला है।”

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