मॉय थाई

नोंग-ओ ने उन 5 बेंटमवेट मॉय थाई एथलीट्स के बारे में बताया जो उन्हें कड़ी चुनौती दे सकते हैं

अप्रैल 2018 में ONE Super Series को जॉइन करने के बाद से ही नोंग-ओ गैयानघादाओ जबरदस्त लय में नजर आए हैं।

थाई सुपरस्टार रिटायरमेंट से वापसी कर ONE से जुड़े और लगातार 6 मैचों में जीत दर्ज कर चुके हैं, जिनमें पहली ONE बेंटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल जीत भी शामिल है और वो अभी भी चैंपियन बने हुए हैं।

एक तरफ ऐसा प्रतीत होता है कि नोंग-ओ को कोई नहीं रोक पाएगा लेकिन ONE एथलीट रैंकिंग्स में शामिल हर एक एथलीट संभव ही उन्हें हराने का सपना देख रहा होगा।

लेकिन Evolve MMA के प्रतिनिधि भी आसानी से हार मानने वालों में से नहीं हैं और उन 5 एथलीट्स पर करीब से नजर बनाए हुए हैं जो उन्हें टाइटल के लिए चुनौती दे सकते हैं। इसलिए नोंग-ओ ने उन सभी के लिए अपने विचार साझा किए।

नंबर-1 कंटेडर – सांगमनी साथियान मॉयथाई

Sangmanee Sathian MuayThai makes his entrance at ONE: MASTERS OF FATE

नोंग-ओ गैयानघादाओ: वो एक अच्छे एथलीट हैं और उनकी तकनीक बहुत शानदार है। उनकी किक्स बहुत प्रभावशाली साबित हो सकती हैं और उनके पास रिंग में उतरने का अच्छा खासा अनुभव भी है।

अगर वो मेरे टाइटल के लिए मुझे चैलेंज करते हैं तो जरूर हमारे बीच एक कांटेदार टक्कर देखने को मिलेगी। मुझे नहीं लगता कि उनके खिलाफ मुकाबले के लिए मुझे अपने स्टाइल में बदलाव की जरूरत है लेकिन मुझे अपनी बॉडी को 5 राउंड तक चलने वाले प्रहार के लिए जरूर तैयार करना होगा।

नंबर-2 कंटेंडर – बोबो साको

Muay Thai fighter Bobo Sacko is ready to fight in the ring

नोंग-ओ: वो काफी लंबे हैं। मुझे लगता है कि कुलाबाम के खिलाफ मैच में जैसा मैंने उन्हें देखा था उनका बॉडी साइज़ असल में उससे भी बड़ा है।

वो उन चुनिंदा विदेशी मॉय थाई एथलीट्स में से एक हैं जिनके पास तकनीक की भरमार है। उनके पंच और किक्स भी अच्छी हैं और किसी चुनौती से घबराते नहीं हैं। कुलाबाम के खिलाफ उन्हें काफी दमदार स्ट्राइक्स झेलनी पड़ीं, इसके बावजूद वो मजबूती से मैच में बने रहे।

मैं इतना ही कह सकता हूँ कि वो एक खतरनाक एथलीट हैं और शायद पांच टॉप कंटेंडर्स में से सबसे कठिन प्रतिद्वंदी साबित हो सकते हैं क्योंकि छोटी लंबाई के कारण उनके खिलाफ जीत हासिल कर पाना मेरे लिए आसान नहीं होगा।



नंबर-3 कंटेंडर – कुलाबाम सोर सोर जोर पिएक

Muay Thai fighter Kulabdam Sor. Jor Piek Uthai celebrates his victory

नोंग-ओ: अगर कुलाबाम के साथ मेरा मैच होता है तो मुझे उनके दमदार पंच से बचकर रहना होगा, खासतौर पर छोटे ग्लव्स में वो ज्यादा घातक साबित हो सकते हैं। बाकी अटैक को मैं संभाल सकता हूँ।

मुझे करीब 2 महीने तक अपनी बॉडी को तैयार करना होगा और स्ट्रेंथ बढ़ानी होगी, केवल उनसे फाइट करने के लिए नहीं बल्कि आने वाले हर मुकाबले के लिए। क्योंकि मैं अब युवा नहीं रहा और इस उम्र में मैं हारना भी नहीं चाहता। इस उम्र में हार के बाद जीत की लय में वापस आना बहुत कठिन होता है।

नंबर-4 कंटेंडर – अलावेर्दी रामज़ानोव

Russian striking ace Alaverdi Ramazanov exchanges shots with Chinese athlete Zhang Chenglong

नोंग-ओ: रामज़ानोव अच्छे तरीके से जानते हैं कि फाइट कैसे की जाती है। मैंने उनके बारे में बहुत जानकारी प्राप्त की है क्योंकि COVID-19 से पहले हमारा मैच तय हो चुका था।

वो लंबे हैं लेकिन पतले भी हैं, लेकिन उनका फुटवर्क भी शानदार है। उन्हें किक्स, पंच या एल्बो लगा पाना आसान नहीं होगा। उनके कुछ मैचों में मैंने इस बात पर ध्यान दिया कि पेट के हिस्से पर वो किसी प्रहार को सहन नहीं कर पाते हैं। मैंने उनकी स्ट्राइक्स को रोकने के लिए गेम प्लान भी तैयार किया था जिससे मैं उनसे अपनी दूरी कम कर किक्स और पंच लगा सकूं।

नंबर-5 कंटेंडर – मुआंगथाई पीके. साइन्चेमॉयथाईजिम

Muangthai PK.Saenchaimuaythaigym defeats Panicos Yusuf at ONE: HEART OF THE LION

नोंग-ओ: उनका निकनेम “एल्बो ज़ॉम्बी” है जो साफ दर्शाता है कि मुझे उनकी एल्बोज़ से बचकर रहना होगा और साथ ही उनकी नी स्ट्राइक्स भी प्रभावशाली साबित हो सकती हैं। मुझे नहीं लगता कि हमारे मैच में ऐसा कुछ होगा क्योंकि आमतौर पर जब भी एथलीट्स क्लिंच करने की कोशिश करते हैं तो रेफरी उन्हें अलग कर देता है।

सच कहूं तो मुझे एक थाई एथलीट की चुनौती विदेशी एथलीट की चुनौती से कमजोर प्रतीत होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि थाई सुपरस्टार्स के स्टाइल से मैं वाकिफ होता हूँ। विदेशी एथलीट्स का सामना करना कठिन होता है, क्योंकि वो कभी-कभी स्पिनिंग एल्बो या ऐसा कोई मूव लगाते हैं जिनका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। इस तरह के मूव्स का इस्तेमाल थाई एथलीट बहुत कम करते हैं।

ये भी पढ़ें: नोंग-ओ ने बेहतर बॉडीवेट ट्रेनिंग रूटीन के लिए दिए 5 टिप्स