जैकी बुंटान वर्ल्ड टाइटल रीमैच में स्टेला हेमेट्सबर्गर को हराने के लिए तैयार – ‘मैं उन्हें हराना जानती हूं’
जैकी बुंटान एक बार फिर जानी-पहचानी प्रतिद्वंदी से रिंग में भिड़ने के लिए तैयार हैं।
शनिवार, 14 फरवरी को मौजूदा ONE विमेंस स्ट्रॉवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन अपने खिताब को डिविजन की मॉय थाई क्वीन स्टेला “ऑल्वेज़ हंग्री” हेमेट्सबर्गर के खिलाफ बचाने उतरेंगी। ये मुकाबला बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम में होने वाले ONE Fight Night 40 को हेडलाइन करेगा।
ये सितंबर में इन दोनों की बीच की भिड़ंत का रीमैच होगा, जहां हेमेट्सबर्गर ने सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल कर वेकेंट (रिक्त) ONE विमेंस स्ट्रॉवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल जीता था।
इस बार दांव पर बुंटान की बेल्ट लगी है और फाइट किकबॉक्सिंग नियमों के तहत होगी।
कैलिफोर्निया निवासी एथलीट ने बताया:
“मौजूदा किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन के रूप में आना और खिताब जीतना एक अलग बात है, लेकिन इस डिफेंड कर टॉप पर रहना ज्यादा मायने रखता है।
“जब भी मैं रिंग में आती हूं तो मेरे लिए बेल्ट जीतने के कम मायने हैं। मैं हर बार खुद बेहतर प्रदर्शन करना चाहती हूं।”
दरअसल बुंटान ने नवंबर 2024 में दिग्गज स्ट्राइकर अनीसा “C18” मेक्सेन को हराकर पहला ONE विमेंस स्ट्रॉवेट किकबॉक्सिंग खिताब अपने नाम किया था।
फिलीपीनो-अमेरिकी सुपरस्टार का कहना है कि उनकी हेमेट्सबर्गर के साथ प्रतिद्वंदिता अभी शुरु ही हुई है।
उन्होंने बताया:
“मैं उस रात डबल गोल्ड हासिल करने के लिए उतरी थी। मैं एक पॉइंट से फाइट हार गई। मुझे लगता है कि मैंने वार-पलटवार में अच्छा किया, लेकिन स्कोरकार्ड में नतीजा उनके पक्ष में गया।
“मैंने उससे सीख और आगे बढ़ने के बारे में सीखा। मुझमें दृढ़ता है। मैं मजबूत हूं और खुद के बारे में काफी कुछ सीखा है।”
लेकिन सिर्फ सीख लेने से ही इस स्तर पर प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।
कैलिफोर्निया निवासी एथलीट ने पाया कि उन्होंने भारी-भरकम शॉट्स लगाए, लेकिन लय बदली और हेमेट्सबर्गर ने मैच का नियंत्रण अपने हाथों में ले लिया।
28 वर्षीय स्टार ने कहा:
“पहले राउंड में दो बार नॉकडाउन होना और फिर आगे बढ़ना ही एक फाइटर की निशानी है। मैं हार नहीं मानती। जब तक आखिरी घंटी नहीं बजती, मैं पूरी जान लगा देती हूं। कुछ अलग करना पड़े तो अब धैर्य रखूंगी।”
बुंटान को किकबॉक्सिंग नियमों में प्लान साफ नजर आ रहा है
ONE Fight Night 40 का वर्ल्ड टाइटल रीमैच किसी दूसरे नियमों के अंतर्गत फाइट मात्र नहीं है बल्कि जैकी बुंटान की लय और रिंग में निर्णय लेने की काबिलियत भी किकबॉक्सिंग से बदलती है।
स्टेला हेमेट्सबर्गर के खिलाफ क्या काम करता है और क्या नहीं और वो इस बात को मद्देनजर रखते हुए 14 फरवरी को फाइट करने उतरेंगी।
Boxing Works टीम की स्टार ने कहा:
“स्टेला की ताकत उनकी किक्स हैं। मुझे पता था कि वो काफी किक्स का इस्तेमाल करेंगी और वही किया। हमारे पिछले मैच में इसी वजह से वो जीत पाईं।
“मुझे लगता है कि उनके खेल में कमियां हैं। जब वो स्ट्राइक्स करती हैं तो खुद को खुला छोड़ देती हैं। मैं मानती हूं कि मैं मूवमेंट में अच्छी हूं।”
बुंटान चुनौतियों से अनजान नहीं हैं। ONE Championship में अपनी पहली तीन बाउट जीतने के बाद उन्होंने वर्ल्ड टाइटल मैच हासिल किया। उसमें हार झेलने के बाद उन्होंने लगातार चार जीत के साथ वापसी की।
अब बुंटान किकबॉक्सिंग में मुकाबला कर रही हैं और यहां हार-जीत का अंतर बहुत बारीक होता है।
उन्होंने कहा:
“मैं उन्हें पहले राउंड से ही तोड़ना शुरु कर दूंगी, जिससे वो अपनी क्षमता, गेम प्लान, रणनीति पर सवाल उठाने पर मजबूर हो जाएं। मैं उन्हें हराना जानती हूं।
“मैं पिछली हार अपना गेम प्लान अमल में नहीं ला पाई थी। ये सिर्फ भावनाओं पर आधारित नहीं है। मैं जानती हूं और ये दिखाने का सही समय है। इस फाइट को जीतना मेरी विरासत के लिए सब कुछ है।”