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बिबियानो फर्नांडिस को किस व्यक्ति ने दिया उत्कृष्ट बनने का मौका

सितम्बर 13, 2019

बिबियानो “द फ्लैश” फर्नांडीस को व्यस्क होने तक बहुत कठिनाई झेलनी पड़ी लेकिन उनके जीवन की हर बाधा ने उन्हें एक व्यक्ति और मार्शल कलाकार के रूप में विकसित करने में मदद की।

ONE बैंटमवेट विश्व चैंपियन- जो केविन “द साइलेंसर” बलिंगोन के साथ अपने चौथे ONE बैंटमवेट वर्ल्ड टाइटल मुकाबले में ONE: सेन्चुरी भाग-II में लड़ाई करेंगे। इसमें उसके ब्राजीलियाई जिउ-जित्सू प्रशिक्षण को शुरू करने की संभावना शामिल थी।

मनौस का व्यक्ति 14 साल की उम्र से ही “द जेंटल आर्ट” का अभ्यास करने लगा था। उसने कार धोकर पैसे कमाए औस इससे सबक भी लिया। इससे कम राशि मिलने के कारण उन्हें फीस का भुगतान करने के लिए संघर्ष करना पड़ा।

वह इस खेल को लेकर भावुक था। इसलिए इसे छोड़ना नहीं चाहता था। सौभाग्य से उनके पहले कोच उलिस पेसो ने उनके उत्साह और प्रतिभा को देखा और उन्हें एक जीवनदान दिया।

वह बताते हैं कि “जब मैंने प्रशिक्षण शुरू किया तो मेरे पास जिम की फीस का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं थे लेकिन मुझे जिउ-जित्सु बहुत पसंद था। इसने मुझे अनुशासन और जीवन को देखने का एक अलग नजरिया दिया।

“मैंने कोच से कहा कि मेरे पास जिम की फीस का भुगतान करने के लिए और पैसा नहीं है। तब उन्होंने कहा कि ‘वह प्रशिक्षण लेने आ सकता है लेकिन उसे कुछ काम भी करना होगा। जिम की सफाई करो और जब लोग चले जाएं तो लाइट बंद कर इस पर ताला लगाने का काम करना होगा। मुझे जीयू-जित्सु बहुत पसंद था। यह वह तरीका था जिससे मैं अपना प्रशिक्षण जारी रख सका।”

उस समय इस किशोर ने इसे अंतिम साधन के रूप में देखा। मैट फीस के बदले उसे अपना समय देना था। उन्होंने महसूस किया है कि इसका उनके मार्शल आर्ट करियर पर अधिक गहरा प्रभाव पड़ा और जीवन में सफलता मिली।

वह कहते हैं कि “वो बहुत ही सख्त कोच थे। उन्होंने प्रशिक्षण में कड़ी मेहनत की लेकिन वह अच्छे इंसान थे। उन्होंने मुझे एक अवसर दिया था। कई लोगों ने मेरी बहुत मदद की और मौके दिए। मौके मिलेंगे तब आपको विश्वास करना होगा कि आप सफल होंगे। यदि आप ऐसा नहीं मानते हैं तो सफलता आपके हाथ नहीं लगेगी।”

फर्नांडिस ने पैक्सो के साथ अपने प्रशिक्षण को जारी रखा। उन्होंने मैट पर और प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया लेकिन उन्होंने जितने भी पदोन्नति और स्वर्ण पदक हासिल किए वो उनके अंदर अहंकार पैदा नहीं कर सके। क्योंकि वह अभी भी वही बच्चा था जिसे हर सत्र के बाद मैट पर झाडू मारना पड़ता था। उनके अनुभवों ने उन्हें जमीन से जोड़े रखा। शायद इसलिए उन्होंने महत्वपूर्ण किशोर उम्र में उसे जिम में रखा।

फर्नांडीस कहते हैं कि “इसने मुझे विनम्र होना और कड़ी मेहनत का मूल्य सिखाया। आप जो चाहते हैं उसे हासिल करने के लिए आपको सब कुछ करना चाहिए। इसने मुझे केंद्रित रखा। मेरे दोस्त बाहर जाकर अलग-अलग काम करते थे। जबकि मुझे हर रात वहीं रुककर लाइट बंद करके जिम का दरवाजा बंद करना होता था। इस कारण से मैं केंद्रित रहा और बीजेजे वर्ल्ड चैंपियन बन गया।”

फर्नांडीस के असाधारण कौशल और प्रतिबद्धता का मतलब था कि जिम में उनकी भूमिका का विस्तार हुआ। उन्होंने कुछ बच्चों की कक्षाओं को पढ़ाना शुरू किया। अंततः उन्हें अपने सफाई के काम से पूरी तरह छुटकारा मिल गया, ताकि वह कोचिंग और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित कर सके। यह पैक्सो की ओर से दिया गया एक और अवसर था जो उसे इस खेल में पनपने की छूट देता था।

ब्राजिलियन ने बताया कि “मैंने बच्चों को पढ़ाना शुरू किया और बहुत सारे चैंपियन बनाए। मेरे कोच ने मुझ पर भरोसा किया। वह बेहतर ज्ञान के साथ एक बहुत अच्छे कोच थे।

फर्नांडिस को समृद्धि होने के लिए प्रयास में जुटना पड़ा लेकिन पैक्साे के बिना यह संभव नहीं था कि ONE इतिहास में सबसे प्रमुख विश्व चैंपियन बन जाएंगे। भले ही वह एक दशक के लिए मिक्सड मार्शल आर्ट की दुनिया में सबसे ऊपर रहे हैं। फिर भी वह उस दयालुता और प्रोत्साहन के आभारी है जो उसे किशोरावस्था में मिला और जिसके बिना यह जीवन संभव नहीं होता।

“द फ्लैश” कहते हैं कि “अब मेरे पास एक अच्छा जीवन है। मुझे प्रशिक्षित के लिए जिम के मैट को साफ करने की आवश्यकता नहीं है लेकिन उन परिस्थितियों ने मुझे अच्छे सबक सिखाए जिससे में आज एक बेहतर व्यक्ति बना पाया।

“मैंने जीवन के बारे में शिकायत करने की बजाय मजबूत होना सीखा। लोग हर चीज की शिकायत करते हैं- लेकिन मुझसे नहीं! मैं सिर्फ आभारी हूं। मैं आज हर चीज में मौका देखता हूं।”

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टोक्यो  | 13 अक्टूबर | ONE: सेन्चुरी | टीवी: वैश्विक प्रसारण के लिए स्थानीय सूची का अवलोकन करें | टिकट: http://bit.ly/onecentury19

ONE: सेन्चरी इतिहास की सबसे बड़ी विश्व चैम्पियनशिप मार्शल आर्ट प्रतियोगिता है जिसमें 28 विश्व चैंपियनशिप विभिन्न मार्शल आर्ट का प्रदर्शर करेंग। इतिहास में किसी भी संगठन ने कभी भी एक ही दिन में दो पूर्ण पैमाने पर विश्व चैम्पियनशिप के आयोजनों को बढ़ावा नहीं दिया।

13 अक्टूबर को जापान के टोक्यो में प्रसिद्ध रयोगोकु कोकुगिकन में कई वर्ल्ड टाइटल मुकाबलों, वर्ल्ड ग्रांड प्रिक्स चैंपियनशिप फाइनल की एक तिकड़ी और कई वर्ल्ड चैंपियन बनाम वर्ल्ड चैंपियन मैच के साथ-साथ The Home Of Martial Arts नई जमीन तलाश करेगा।