कैसे मुईन गफूरोव का पालन-पोषण चैंपियन बनकर कामयाबी हासिल करने के लिए हुआ

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मुईन “ताजिक” गफूरोव ने ONE चैंपियनशिप में करीब 4 साल पहले डेब्यू किया था। वो अभी सिर्फ 24 साल के ही हैं और उनकी नजर ONE बेंटमवेट वर्ल्ड टाइटल शॉट हासिल करने पर है।

द कॉम्बैट साम्बो वर्ल्ड चैंपियन के पास वो सब कुछ है, जो एक टॉप मिक्स्ड मार्शल आर्टिस्ट में होना चाहिए, जैसे- नॉकआउट करने की पावर, जबरदस्त ग्रैप्लिंग और कामयाबी हासिल करने की चाह।

इन सब खूबियों के पीछे ताजिकिस्तान में उनके पालन-पोषण को बड़ी वजह माना जा सकता है, जहां वो एक बड़े सदमे उबरकर एक टॉप एथलीट बने।

इससे पहले कि ONE: DAWN OF VALOR में उनका सामना जॉन “हैंड्स ऑफ़ स्टोन” लिनेकर से हो, उन्होंने बताया कि कैसे वो ग्लोबल स्टेज तक पहुंचे।

बड़ी स्टेज पर मुकाबला करने के लिए हैं बने

Muin Gafurov

गफूरोव के जन्म के कुछ ही हफ्तों बाद उनकी जिंदगी ने अलग मोड़ लिया, जब उनके पिता की किसी ने हत्या कर दी।

इस सदमे के बावजूद, गफूरोव का बचपन उनकी मां की वजह से संपन्नता के साथ गुजरा। इसके अलावा उनके कई रिश्तेदारों ने भी साथ दिया और उन्हें मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स से रूबरू करवाया।

उन्होंने कहा, “मेरी देखभाल करने के लिए 1 नहीं बल्कि 4 अंकल थे और सभी मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स में शामिल थे।”

“मैं काफी खुश-मिजाज और खेलकूद में रहने वाला बच्चा था लेकिन मेरा मां चाहती थीं कि मैं पढ़ाई में ज्यादा ध्यान लगाऊं।”

गफूरोव ने बताया कि वो स्कूल में काफी अच्छे थे, लड़ाई से दूर रहकर पढ़ाई में ध्यान लगाते थे लेकिन पढ़ाई कभी भी उनका पैशन नहीं रही।

शुरुआत में उन्होंने प्रोफेशनल फुटबॉल खेलने का सपना देखा लेकिन अपने अंकल की वजह से उन्हें जिम का रुख करना पड़ा।

फैमिली बिज़नेस

Muin Gafurov makes his entrance

फुटबॉल की चाह होने के बाद भी “ताजिक” का ज्यादातर बचपन मैट पर ही बीता।

उनकी परविश का जिम्मा उनके एक अंकल अख्तम खाकीरोवक का था, जो ताजिकिस्तान में कॉम्बैट साम्बो फेडरेशन के अध्यक्ष थे। वो चाहते थे कि उनका भतीजा सोवियत कॉम्बैट खेल की प्रैक्टिस करे।

गफूरोव ने बताया, “मैं फुटबॉलर बनने का सोच रहा था, लेकिन मेरे अंकल्स की दखल की वजह से मुझे कॉम्बैट साम्बो चुनना पड़ा।”

“वो चाहते थे कि मैं उनके नक्शे-कदम पर चलूं। हमारे घर के सभी पुरुष मार्शल आर्ट्स में शामिल रहे हैं। जब मैं 14 साल का हुआ, तो मेरे अंकल ने मुझे जिम ले जाना शुरु कर दिया। शुरुआत में बचकर भाग जाता था और चोरी-छुपे फुटबॉल खेलता था।”

हालांकि, गफूरोव ने जल्द मैट सेशन लेने शुरु किए और शानदार प्रदर्शन करने लगे।

जल्द ही वो ताजिकिस्तान के अंदर परफॉर्म करते रहे और अपने देश के इतिहास के सबसे अच्छे युवा एथलीट्स में से एक बन गए। उन्होंने 2 कॉम्बैट साम्बो वर्ल्ड चैंपियनशिप्स और एक FILA वर्ल्ड ग्रैप्लिंग टाइटल भी जीता है।

उन्होंने कहा, “मैंने कई सारे डिसिप्लिन के कम्पीटिशंस में हिस्सा लिया जैसे- ग्रैप्लिंग, जिउ-जित्सु, कॉम्बैट साम्बो और कई टाइटल भी जीते। मगर मेरे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि 18 साल की उम्र में वर्ल्ड कॉम्बैट साम्बो चैंपियनशिप जीतने की थी।”

झोंकी पूरी ताकत

ताजिकिस्तान के इस फाइटर ने 18 साल की उम्र में अपना प्रोफेशनल डेब्यू किया और अपनी छाप छोड़ने के लिए बेताब थे।

इस वजह से वो अपने पहले ट्रेनिंग कैम्प के लिए अमेरिका के नेवादा गए। वो ट्रिप उनके लिए आसान नहीं रही क्योंकि ट्रेनिंग महंगी थी और उन्हें गुजारा करने के लिए काम भी करना पड़ा।

उन्होंने याद करते हुए बताया, “वो काफी मुश्किल था, लेकिन मैंने स्पोर्ट्स की वजह से सब बाधाओं को पार किया।”

“मार्शल आर्ट्स ने मुझे शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत बनाया है, जब बाकी लोग काम को नहीं करना चाहते, मैं लगा ही रहता हूं।”

उनकी कड़ी मेहनत रंग लाई और एक शानदार जीत की स्ट्रीक बनाई। इस वजह से The Home Of Martial Arts के मैचमेकर्स का ध्यान उनकी तरफ गया।

गफूरोव ने कहा, “मैं अचंभे में था और बहुत उत्साहित भी था। ये मेरे मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स करियर के लिए अच्छा था, इसलिए मैंने ज्यादा नहीं सोचा।”

सितंबर 2015 में हुए ONE: ODYSSEY OF CHAMPIONS में डेब्यू के समय गफूरोव की उम्र सिर्फ 20 साल थी। और उन्होंने मात्र 55 सेकेंड्स के भीतर ही केसी स्वोर को एक जबरदस्त स्पिनिंग बैक किक मारकर नॉकआउट किया। उसके बाद मुईन ने तीसरे राउंड में टोनी “डायनामाइट” टौरू को टेक्निकल नॉकआउट के जरिए हराकर खुद को बेंटमवेट डिविजन के टॉप कंटेंडर्स में स्थापित किया।

चैंपियन बनने का सपना

Muin Gafurov defeats Leandro Issa

केविन “द सायलेन्सर” बेलिंगोन जैसे कुछ टॉप फाइटर्स के खिलाफ हारने के बाद उन्होंने पिछले साल अक्टूबर में वापसी करते हुए अपने करियर की सबसे अच्छी जीत हासिल की।

ONE: KINGDOM OF HEROES में उन्होंने लिएंड्रो “ब्रोडीनियो” इसा को एक जबरदस्त पंच मारकर नॉकआउट किया।

हालांकि, उन्होंने 1 साल तक ना लड़ पाने की निराशा है। गफूरोव अपनी वापसी पर वर्ल्ड फेमस एथलीट लिनेकर से भिड़ने को लेकर खुश हैं।

उन्होंने बताया, “जॉन लिनेकर एक बढ़िया फाइटर हैं और मैं दुनिया को ये दिखाने के लिए बेताब हूं कि मुईन गफूरोव कौन है।”

“मैं हर एक एरिया में बेहतर हूं। लोग मुझे कम आंकते हैं। लोग मेरी तरफ कम ध्यान देते हैं और मैं खुद को साबित करने के लिए तैयार हूं। मैं पहले या दूसरे राउंड में नॉकआउट के जरिए जीतूंगा। फैंस को इसमें बड़ा मजा आएगा।”

अगर गफूरोव जैसा कह रहे हैं और वैसा करते हुए उन्होंने लगातार छठी जीत हासिल कर ली, तो उन्हें जल्द ही ONE बेंटमवेट वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मैच मिल सकता है।

गफूरोव ने कहा, “मैं इस बेल्ट को जीतकर ताजिकिस्तान लाना चाहता हूं।”

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