एर्दोगन Vs. इलियट: ONE Fight Night 48 के हेवीवेट MMA मेन इवेंट मैच में जीत की 4 कुंजी
ONE Fight Night 48: Erdogan vs. Elliott का हेवीवेट MMA मेन इवेंट वर्ल्ड टाइटल की बड़ी अहमियत लिए हुए है, जहां अपराजित टर्किश पावरहाउस शामिल एर्दोगन का सामना ब्रिटिश नॉकआउट आर्टिस्ट पॉल “किंग ऑफ द नॉर्थ” इलियट से होगा।
ये मेन इवेंट मुकाबला शनिवार, 3 अक्टूबर को बैंकॉक, थाईलैंड के मशहूर लुम्पिनी स्टेडियम से लाइव प्रसारित किया जाएगा।
एर्दोगन 13-0 के परफेक्ट करियर रिकॉर्ड और पांच ONE Championship मुकाबलों में 100 प्रतिशत फिनिशिंग रेट के साथ इस मुकाबले में उतर रहे हैं। उनकी हर जीत पिछली से ज्यादा दमदार रही है। वेकेंट (रिक्त) ONE हेवीवेट MMA वर्ल्ड टाइटल को पूरी तरह निशाने पर रखते हुए Kremost Fight Club के ये फाइटर महानता की दहलीज पर खड़े हैं।
वहीं इलियट के पास प्रमोशन में बेदाग फिनिशिंग रेट और डिविजन के कुछ सबसे भारी पंच लगाने वाले हाथ हैं। ये स्ट्राइकिंग स्पेशलिस्ट लगातार दो फिनिश की लय के साथ उतर रहे हैं, जिनमें एक परफेक्ट हेड किक नॉकआउट भी शामिल है, जो ONE इतिहास के सबसे तेज फिनिश्स में गिना जाता है।
26 पाउंड की गोल्ड बेल्ट दोनों फाइटर्स की पहुंच से बस एक कदम दूर है, आइए जानते हैं इस धमाकेदार मुकाबले को किस तरह से जीता जा सकता है।
#1 एर्दोगन के घातक लेवल चेंज
एर्दोगन का फ्रीस्टाइल रेसलिंग बेस दागेस्तान के टैलेंट से भरपूर ट्रेनिंग रूम्स में तैयार हुआ है। ये वर्ल्ड-क्लास बैकग्राउंड ही उनका सबसे भरोसेमंद हथियार है और जीत का सीधा रास्ता भी।
ये अजेय स्टार अपने डबल लेग टेकडाउंस को ओवरहैंड राइट्स के पीछे बड़ी चालाकी से छुपाते हैं। विरोधी को उनकी पंचिंग पावर का सम्मान करने पर मजबूर कर, वो ठीक वही पल तैयार करते हैं, जब विरोधी हिचकिचाता है और इसी मौके पर वो बिना किसी संकेत के टेकडाउन लगा देते हैं।
ONE 173 में उन्होंने दिखाया कि ये सिस्टम हेवीवेट में भी पूरी तरह काम करता है, जहां उन्होंने रयुगो टाकेऊची को पहले राउंड में बुरी तरह ध्वस्त कर दिया था। एर्दोगन पहले ही इलियट की रेसलिंग को एक कमजोरी के तौर पर आंक चुके हैं और साफ तौर पर इसका फायदा उठाने की मंशा जता चुके हैं।
इलियट की स्ट्राइकिंग दूरी से सबसे ज्यादा खतरनाक होती है, एर्दोगन का हर सफल लेवल चेंज उस खतरे को पूरी तरह खत्म कर देता है। इससे मुकाबला ऐसी जगह शिफ्ट हो जाता है, जहां विरोधी काफी कम सहज महसूस करता है।
अगर ये दागेस्तानी सनसनी अपनी रेसलिंग हावी कर लेते हैं तो ब्रिटिश फाइटर की शुरुआती नॉकआउट काबिलियत सिर्फ कागजी बनकर रह जाएगी।
#2 इलियट की धमाकेदार साउथपॉ पावर
इलियट साउथपॉ स्टांस से फाइट करते हैं और सिर्फ यही बात एक ऐसी समस्या खड़ी कर देती है, जो एर्दोगन के किसी भी पिछले विरोधी ने पेश नहीं की। एंगल्स बदल जाते हैं, एंट्रीज अलग हो जाती हैं और पावर पंच ऐसी साइड से आते हैं, जिसके खिलाफ टॉप रेसलर्स भी शायद ही कभी ट्रेनिंग करते हैं।
34 वर्षीय ये फाइटर वो नहीं हैं, जिन्हें लय बनाने के लिए वक्त चाहिए। उनके मुकाबले लगातार, बेरहमी से, बिना किसी चेतावनी के तेजी से खत्म होते हैं। रिंग के अंदर पहले एक्सचेंज से ही नॉकआउट का खतरा उतना ही असली होता है, जितना हो सकता है।
ONE Fight Night 44 में रीगन अपशॉ को छह सेकंड में हेड किक से किए गए फिनिश ने इस डरावनी हकीकत को बखूबी दिखाया। स्पीड और टाइमिंग का ऐसा कमाल, जो उनके कद के किसी भी फाइटर की उम्मीद से परे है।
एर्दोगन को अपने 13 प्रोफेशनल मुकाबलों में कभी गंभीर खतरा महसूस नहीं हुआ, लेकिन इलियट के पास वो हैरान कर देने वाली पावर है, जो एक साफ शॉट से उनकी इस अजेय लय को तोड़ सकती है।
अगर ये फाइटर रिंग के सेंटर पर आक्रामक तरीके से कमान संभाल लेते हैं तो एर्दोगन का बड़ी सावधानी से बनाया गया रेसलिंग गेम प्लान बेकार हो सकता है।
#3 एर्दोगन का ग्राउंड-एंड-पाउंड अटैक
एर्दोगन सिर्फ विरोधी को टेकडाउन कर पोजिशन पर नहीं रुकते। इसके बाद जो होता है, वो विरोधी के शारीरिक और मानसिक मजबूती को पूरी तरह तोड़ने के लिए बना होता है।
एक बार टॉप पर आने के बाद 36 वर्षीय ये फाइटर सिर और बॉडी पर लगातार सटीकता के साथ भारी पंच और एल्बोज़ बरसाते हैं और जब तक काम पूरा नहीं होता, वो रुकते नहीं।
दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन में उनकी तबाही की पूरी कहानी लगभग इसी पैटर्न पर टिकी है। दो डिविजन के पूर्व ONE MMA वर्ल्ड चैंपियन आंग ला “द बर्मीज़ पाइथन” न संग दो बार इस भारी टॉप प्रेशर के आगे बेबस नजर आए। जिल्बर्टो “जीबा” गल्वाओ सिर्फ 41 सेकंड टिक पाए, इससे पहले कि वो भी उसी अंजाम तक पहुंच गए,और टाकेऊची को शुरू से आखिर तक व्यवस्थित तरीके से तोड़ा गया।
इलियट भी पहले टॉप पोजिशन से रोके जा चुके हैं, जो साबित करता है कि स्टैंडिंग में इतने मजबूत फाइटर में भी ये कमजोरी मौजूद है। जब एर्दोगन विरोधी को कैनवास पर ले जाकर ये बेरहम हमला शुरू करते हैं तो फिनिश में शायद ही ज्यादा वक्त लगता है।
#4 इलियट की दमदार लेफ्ट हाई किक
इलियट का किकबॉक्सिंग बैकग्राउंड उन्हें तकनीकी रूप से बेहतर स्ट्राइकिंग देता है। इससे ऐसी स्पीड, टाइमिंग और सटीकता मिलती है, जो हेवीवेट रैंक्स में शायद ही कभी देखने को मिलती है।
उनके आर्सेनल का सबसे बड़ा हथियार उनकी घातक लेफ्ट हाई किक है। साउथपॉ स्टांस से लगाई गई ये किक एक ऐसे एंगल से आती है, जिसे ऑर्थोडॉक्स फाइटर्स सहज रूप से ट्रैक करने में संघर्ष करते हैं। अपशॉ पर उनकी शानदार फिनिश ने साबित किया कि ये एक ही सांस में हेवीवेट मुकाबला खत्म कर सकती है।
इसे और भी खतरनाक बनाती है इलियट की वो काबिलियत, जिससे वो अपनी किक्स का इस्तेमाल रेंज तय करने और स्कोरिंग वैल्यू जोड़ने के लिए करते हैं। हर स्ट्राइक में इतनी पावर होती है कि वो मुकाबला पूरी तरह खत्म कर सकती है।
जब भी एर्दोगन शॉट लगाने के लिए अपना लेवल नीचे करते हैं, उनका सिर नीचे आ जाता है और टारगेट खुल जाता है। इलियट जैसे किकर के खिलाफ यही वो एंट्री विंडो है, जहां लेफ्ट हाई किक अपना निशाना ढूंढती है।
ब्रिटिश फाइटर को सिर्फ एक साफ कनेक्शन चाहिए, जो तुरंत एक अजेय रिकॉर्ड को तोड़ सके और 3 अक्टूबर को ONE हेवीवेट MMA वर्ल्ड टाइटल की पूरी तस्वीर बदल सके।