जैकी बुंटान Vs. स्टेला हेमेट्सबर्गर II: ONE Fight Night 40 के मेन इवेंट में जीत की 4 कुंजी
विमेंस स्ट्राइकिंग इतिहास के सबसे बहुप्रतीक्षित रीमैचों में से एक का आयोजन 14 फरवरी को किया जाएगा, जब बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम में ONE Fight Night 40: Buntan vs. Hemetsberger II का लाइव प्रसारण होगा।
ONE विमेंस स्ट्रॉवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन जैकी बुंटान और डिविजनल मॉय थाई क्वीन स्टेला “ऑल्वेज़ हंग्री” हेमेट्सबर्गर पिछले साल सितंबर के शानदार मुकाबले के बाद एक बार फिर आमने-सामने होंगी।
जब पांच राउंड खत्म हुए तो हेमेट्सबर्गर सर्वसम्मत निर्णय से वेकेंट (रिक्त) बेल्ट जीतनें में कामयाब रहीं और वो ऑस्ट्रिया की पहली ONE वर्ल्ड चैंपियन बनीं।
बुंटान को दो खेलों के चैंपियन बनने से रोकने के बाद अब हेमेट्सबर्गर का लक्ष्य होगा कि वो खुद ये कारनामा करें। आइए जानते हैं कि इनके मुकाबले का अंत किस प्रकार हो सकता है।
#1 बुंटान के तेज-तर्रार बॉक्सिंग कॉम्बिनेशन
नियमों में बदलाव की वजह से नतीजा बुंटान के पक्ष में जा सकता है।
फिलीपीनो-अमेरिकी चैंपियन अब किकबॉक्सिंग नियमों के तहत फाइट करेंगी, जहां उनकी स्किल्स बहुत निखरकर आती हैं।
28 वर्षीय स्टार के सबसे बेहतरीन हथियार उनके हाथ रहे हैं, जिन्हें वो कैलिफोर्निया के Boxing Works जिम में कोच ब्रायन पोपजॉय की देखरेख में मजबूत कर रही हैं।
वो आजादी के साथ कॉम्बिनेशंस लगा सकती हैं। उनके पंचों ने महान फ्रेंच-अल्जीरियाई दिग्गज अनीसा “C18” मेक्सेन को पांच राउंड की फाइट में हराकर पहला किकबॉक्सिंग खिताब अपने नाम किया था।
उनकी यही ताकत हेमेट्सबर्गर के खिलाफ भी नजर आई क्योंकि बुंटान के लेफ्ट हुक ने ऑस्ट्रिया स्टार के चेहरे की रंगत बिगाड़ दी थी। कैलिफोर्निया निवासी को अपने हाथों का जमकर इस्तेमाल करना होगा ताकि वो खिताब की रक्षा कर पाएं।
#2 हेमेट्सबर्गर के राइट हैंड काउंटर
इनके बीच की पहली टक्कर पूरे पांच राउंड तक चली, मगर हेमेट्सबर्गर ने पहले ही राउंड में दो नॉकडाउन हासिल कर मैच को अपने पक्ष में कर लिया था।
RS-GYM और Phuket Fight Club की स्टार ने अपनी विरोधी की मूवमेंट को भांपते हुए परफेक्ट राइट क्रॉस काउंटर लगाकर उन्हें एक नही बल्कि दो बार गिराया।
इस फाइट में उनके राइट हैंड बहुत ही कारगर हथियार साबित हो सकते हैं।
किकबॉक्सिंग नियमों से भी इनकी धार में कोई कमी नहीं आएगी। बुंटान अपनी हेड मूवमेंट के जरिए तालमेल बैठाने का प्रयास करेंगी। मगर हेमेट्सबर्गर को पिछली बार की तरह ही तेज शुरुआत कर काउंटर अटैक करने चाहिए।
#3 बुंटान की स्ट्राइकिंग और गति पर काबू रखना
बुंटान के अटैक को जो बात सबसे खास बनाती है, वो ये कि उन्हें ढेर सारे ताकतवर पंच मारने के लिए जाना जाता है।
तीन इंच की लंबाई कम होने की भरपाई उन्हें लगातार अटैक कर पूरी करनी होगी। लगातार कॉम्बिनेशन और दबाव की वजह से हेमेट्सबर्गर अटैक की बजाय डिफेंड करने पर मजबूर हो जाएंगी।
बुंटान की लगातार आगे बढ़ने की कला, एंगल बनाना और गति को काबू में रखने की वजह से वो जीत हासिल करने के काफी करीब आ जाएंगी। ऐसा करने के चलते हुए ऑस्ट्रियाई स्टार के राइट हैंड से बचकर रहेंगी।
अगर 28 वर्षीय स्टार लगातार उनके डिफेंस को भेदती रहीं तो जीत का रास्ता साफ हो जाएगा।
#4 हेमेट्सबर्गर का दूरी पर नियंत्रण
हेमेट्सबर्गर को पहले मैच में सफलता मिली क्योंकि वो बुंटान के अटैक को दूरी पर रहकर व शानदार फुटवर्क की वजह से काबू कर पाईं।
ऑस्ट्रियाई स्ट्राइकर ने लंबाई का अच्छे इस्तेमाल करते हुए फिलीपीनो-अमेरिकी स्टार पर जैब और टीप किक्स लगाई थीं। बुंटान को वैसे चैंपियनशिप राउंड्स में लय हासिल हो गई थी, मगर हेमेट्सबर्गर ने दूरी पर नियंत्रण रखकर वापसी की।
रीमैच में स्ट्रॉवेट मॉय थाई क्वीन को क्रिएटिव बनना पड़ेगा क्योंकि वो किकबॉक्सिंग नियमों के तहत क्लिंच नहीं कर सकतीं। साल्ज़बर्ग निवासी के पास शानदार रिफ्लेक्स, रिंग आईक्यू है, जिसके दम पर वो दूरी से ही बुंटान को परेशानी में डाल सकती हैं।
अगर “ऑल्वेज़ हंग्री” दूरी पर अच्छा नियंत्रण बनाकर रख पाईं तो बुंटान को हताश करने के बाद खतरनाक कॉम्बिनेशन लगा सकती हैं।