Flashback Friday: मिच चिल्सन ने कॉमेंट्री बूथ में अपने डेब्यू को याद किया

Mitch Chilson

ग्लोबल स्टेज पर हर किसी का डेब्यू ऐतिहासिक होता है, भले ही वो सर्कल में न हो।

जब मिच “द ड्रैगन” चिल्सन ने पहली बार ONE Championship के कॉमेंट्री बूथ में कदम रखा था, तब वैसा ही लग रहा था जब उन्होंने पहली बार प्रतियोगी के रूप में डेब्यू किया था।

ये स्टार सर्कल के अंदर 5 मुकाबलों का हिस्सा बन चुके थे लेकिन 13 मार्च 2015 को उन्होंने मलेशिया के कुआलालंपुर में दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन के ONE: AGE OF CHAMPIONS में बतौर कॉमेंटेटर अपने नए करियर की शुरुआत की।

चिल्सन ने कहा, “मैं अब पुरानी तस्वीरों पर नजर डाल रहा हूँ और लगता है कि बहुत ज्यादा समय हो चुका है। मैं 5 सालों से ये कर रहा हूँ।”

“मुझे ये मुकाबला करने जितना महत्वपूर्ण महसूस होता है। सारी चीज़ें, जैसे शो का बिल्डअप, अभ्यास और मीडिया आदि चीज़ें हमने की। लग रहा था कि मुझे मुकाबला करने जैसा महसूस हो रहा है।

“आप उसी प्रकार की तैयारी के साथ जाते हैं और जब ओपनिंग सेरेमनी शुरू हो जाती है तो आपके अंदर गड़गड़ाहट होने लगती है और ये आपको प्रकाशित कर देता है। इस वजह से शो के लिए कॉमेंट्री की तैयारी करने के दौरान लगता है कि आप प्रतियोगिता में हिस्सा लेने जा रहे हैं।”



इस नए किरदार में चिल्सन अक्षियता एरीना में बड़े शो से पहले लोगों के लिए आयोजित होने वाले समारोह के प्रधान थे और वो मानते हैं कि उनके लिए ये चीज़ मुश्किलों में वरदान की तरह साबित हुई।

उन्होंने हँसते हुए कहा, “मुझे याद है कि वजन तोलने की प्रक्रिया के दौरान काफी ज्यादा घबराया हुआ था। मैं मानता हूँ कि मुझे हिचकियां आई और मैं लड़खड़ाया क्योंकि मैंने काफी खराब प्रदर्शन किया था। मुझे लगा था कि मैं शो में इससे खराब काम नहीं कर सकता था।”

“इसने मुझे बड़े शो के पहले वॉर्म अप करने का मौका दिया। मैं जानता था कि मैं अभी भी कुछ गलत बोल सकता हूँ या चीज़ें उलट-पुलट कर सकता हूँ लेकिन मैं जानता था कि मेरा सबसे खराब प्रदर्शन बीत चुका है।

“इसके बाद, मुझे याद है कि मैं उन एथलीट्स के लिए खास पल बनाने का प्रयास करने के लिए उत्साहित था जिन्होंने यहां आने के लिए अपने पूरे जीवन में तैयारियां की है।”

चिल्सन के लिए सबसे अहम चीज़ थी कि उन्हें एथलीट्स के दृष्टिकोण को दर्शाने का मौका मिला था और उन्होंने अपनी कॉमेंट्री से उनके साथ न्याय करने का प्रयास किया।

वो मानते हैं कि उन्होंने एक अच्छे कॉमेंटेटर की तरह शानदार मौकों पर यादगार पल बनाए और पहले दिन से वो विश्वस्तर पर प्रशंसकों को बताना चाहते थे कि सर्कल के अंदर मुकाबला करने वाला हर एथलीट कितना शानदार व्यक्ति होता है।

इस 42 वर्षीय स्टार ने कहा, “मेरे लिए ये काफी रोचक था कि मैं एथलीट्स की आवाज़ बनूँ क्योंकि मुझे पता था कि दूसरी ओर रहते हुए कैसा महसूस होता है।”

“जब आप कॉमेंट्री करते हैं तो आप हमेशा के लिए मार्शल आर्टिस्ट्स को बढ़िया और रणनीतिक दर्शाने का प्रयास करते हैं।

“मुझे ये मौका दिया गया था और जब मैं कॉमेंट्री करता हूँ तो मैं इसका ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने का प्रयास करता हूँ।”

ONE Championship commentator Mitch Chilson

“द ड्रैगन” के करियर के लिए वो रात सबसे अहम थी और इस दौरान वो इवेंट के बारे के भूल गए थे क्योंकि उस समय वो कॉमेंट्री में पूरी तरह मगन हो गए थे।

उन्होंने बताया, “ये काफी अजीब था क्योंकि आपको पता है कि आप कब ग्रैपलिंग करेंगे और आप उस जोन में है या अगर आपने बास्केटबॉल या टेनिस गेम देखा हो तो आप उसमें खो जाते हैं। कुछ ऐसा ही मुझे इवेंट के दौरान महसूस हुआ।”

“मुझे ध्यान भी नहीं था कि मैंने क्या बोला और बाद में मैंने हाइलाइट्स में सुना क्योंकि मुझे कॉमेंट्री करने में काफी मजा आया और वो समय कब निकल जाता है पता नहीं चलता। ऐसा महसूस होता है कि मैं उसके बारे में सोच भी नहीं रहा हूँ।

“मुझे याद है कि पहली रात में एक ऐसा समय आया जब समय रुक गया और फिर अचानक से रात का अंत हो गया। मैंने खुद से कहा, ‘वाह, 6 घन्टे बीत चुके हैं!’ मुझे काफी मजा आया और मुझे स्टार्स को अच्छा दिखाने का काम करना पसंद आया।”

Michael Schiavello and Micth Chilson ONE Championship commenators

इसके बाद से चिल्सन संगठन के सबसे प्रसिद्ध लोगों में से एक बन गए हैं और माइकल “द वॉइस” शिवेलो के साथ कॉमेंट्री करते हुए वो दो सबसे अहम कॉमेंटेटर में से एक बन चुके हैं।

इस जापानी-अमेरिकी का खेल को लेकर जज़्बा पूरी दुनिया के लाखों लोगों ने देखा है और 5 सालों बाद भी चिल्सन मानते हैं कि वो काफी उत्साहित हो जाते हैं क्योंकि वो एथलीट्स को अच्छा दिखाने का प्रयास करते हैं।

उनमें अनुभव आने के साथ सुधार हुआ है लेकिन अभी भी उनके पास वही उत्साह मौजूद है। “द ड्रैगन” आज भी उस उत्साह को खोना नहीं चाहेंगे लेकिन उनके लिए उस आदमी के लिए सम्मान है जो 2015 में पहली बार उनके साथ कॉमेंट्री बूथ में बैठा था।

चिल्सन ने कहा, “मैं कहूंगा, ‘जल्दी न करें और ऐसा महसूस न करें कि आपको हर चीज़ हासिल करनी है। शांत रहें, अपने साथ बने रहें और अपने विचारों के साथ साफ तौर पर बातचीत करें।'”

“मुझे अभी भी इस प्रकार की समस्या आती है। जब मैं काफी उत्साहित हो जाता हूँ, उस समय मैं हर चीज़ बोलने का प्रयास करता हूँ और वो दिमाग में घूमती रहती है। इस वजह से कहूंगा कि, ‘शांत रहें और पल का आनंद लें। आप नहीं जानते कि ये ड्रीम जॉब कब तक चलेगी इसलिए इसका ज्यादा से ज्यादा आनंद उठाने का प्रयास करें।'”

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