इरसल Vs. जार्विस II: The Inner Circle 33 के ONE लाइटवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल रीमैच में जीत की 4 कुंजी
पहली मुलाकात सिर्फ 84 सेकंड में खत्म हो गई थी। अब आठ महीने बाद मौजूदा ONE लाइटवेट मॉय थाई और किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन रेगिअन “द इम्मोर्टल” इरसल The Inner Circle 33 में अपने 26 पाउंड के गोल्ड को जॉर्ज “जी-यूनिट” जार्विस के खिलाफ डिफेंड करेंगे।
ये धमाकेदार रीमैच शुक्रवार, 2 अक्टूबर को बैंकॉक, थाईलैंड के मशहूर लुम्पिनी स्टेडियम से एशिया प्राइमटाइम में सिर्फ मेंबर्स के लिए live.onefc.com पर लाइव दिखाया जाएगा।
इरसल ने लाइटवेट स्ट्राइकिंग रैंक्स को अपना साम्राज्य बना लिया है। Sityodtong Amsterdam के दो खेलों के ONE वर्ल्ड चैंपियन के नाम करियर में 65-5 का स्ट्राइकिंग रिकॉर्ड और 29 फिनिश हैं। उन्होंने हर उस चैलेंजर को बड़ी सफाई से तोड़ा है, जो उनके सामने रिंग में उतरने की हिम्मत करता है। खुद जार्विस को भी अगस्त 2025 में ONE Fight Night 34 में उन्होंने बड़ी आसानी से हरा दिया था।
लेकिन ये चैलेंजर उस नतीजे को ही अपनी पहचान नहीं मानना चाहते। 26 वर्षीय Lumpini Crawley के फाइटर उसके बाद से हर दिन खुद को बेहतर बनाने और नए सिरे से तैयार करने में लगे रहे हैं। उन्होंने वापसी करते हुए पूर्व वर्ल्ड टाइटल चैलेंजर्स सिंसामट “एक्वामैन” क्लिनमी और रंगरावी “लेगाट्रॉन” सिटसोंगपीनोंग को हराया है।
जार्विस का दावा है कि वो अब बुनियादी तौर पर एक अलग फाइटर हैं। वहीं इरसल को भरोसा है कि नतीजा पहले जैसा ही रहेगा। आइए जानते हैं वो चार फैक्टर, जो शुक्रवार रात तय करेंगे कि जब ये दोनों दोबारा आमने-सामने होंगे तो 26 पाउंड का गोल्ड किसके पास जाएगा।
#1 इरसल के एल्बो अटैक
इरसल के सिग्नेचर हथियारों की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन करीबी रेंज में उनके एल्बो गेम को वो क्रेडिट कभी नहीं मिलता, जिसके वो हकदार हैं। किकबॉक्सिंग के नियमों में पूरी तरह छुपाकर रखा गया ये खतरा, मॉय थाई में मौका मिलते ही बेरहमी से सटीकता के साथ इस्तेमाल होता है।
पहले फिनिश में यही चालाक एल्बोज़ सबसे अहम साबित हुए थे। जब जार्विस आगे बढ़े तो इरसल ने उस उछाल को झेला और लगातार पंचों के कॉम्बिनेशन के साथ-साथ एक खतरनाक एल्बो से जवाब दिया, जिसने फौरन उस मैच का अंत कर दिया।
6 फुट 2 इंच लंबे इस सूरीनामी सुपरस्टार की एल्बोज़ में ऐसी बात है, जिसे छोटे कद के विरोधी डिफेंड करना लगभग नामुमकिन पाते हैं। उनकी लंबी रीच (पहुंच) की वजह से जो फाइटर्स दूरी बनाने की कोशिश करते हैं, उनके लिए ये एल्बोज़ खासतौर पर घातक साबित होती हैं।
जार्विस, जो गार्ड ऊंचा रखकर वार झेलते हुए काउंटर मौकों की तलाश में रहते हैं, उनके खिलाफ अंदर से लगातार एल्बो अटैक्स पहली मुलाकात से भी कहीं ज्यादा निर्णायक नतीजा दे सकते हैं।
अगर इरसल जल्दी अपना शॉर्ट-रेंज एल्बो गेम सेट कर लेते हैं तो इस बार फिनिश और भी जल्दी आ सकता है।
#2 जार्विस की आक्रामक बॉक्सिंग
जार्विस ने पिछली बार सबसे कड़वा सबक सबसे मुश्किल तरीके से सीखा। फाइट खत्म होने से पहले वो कभी इतने करीब नहीं पहुंच पाए कि मुकाबले को अपने हिसाब से मोड़ सकें और उसी अहसास ने तब से उनकी हर ट्रेनिंग सेशन को दिशा दी है।
Lumpini Crawley के इस फाइटर ने अपने क्लिंच वर्क और क्लोज-क्वार्टर बॉक्सिंग को काफी हद तक निखारा है। सिंसामट के खिलाफ उनके इनसाइड कॉम्बिनेशंस ज्यादा तेज और विविध थे। रंगरावी के खिलाफ उन्होंने एक नॉकडाउन झेलने के बावजूद टाइट रेंज से फिनिशिंग शॉट लगाया। ये वो ऐसी सहनशक्ति है, जो वो “द इम्मोर्टल” के सामने कभी नहीं दिखा पाए थे।
उनके पास चैंपियन के लॉन्ग-रेंज गेम के अंदर काम करने के लिए कद भी है और पॉकेट में एल्बो खतरे को बेअसर करने के लिए ताकत भी। छोटे राइट हैंड्स, इनसाइड बॉडी शॉट्स और सही समय पर लगाई गई क्लिंच टाइज़ खासतौर पर इरसल के लंबे कॉम्बिनेशंस को बिगाड़ने के लिए बनाए गए हैं।
रीमैच में बदलाव साफ है। जल्दी अंदर जाओ, मुकाबले को उलझा दो और इरसल को अपनी लय बनाने के लिए जगह ही मत दो, इससे पहले कि उनके कॉम्बिनेशंस शुरू हों।
अगर जार्विस चैंपियन की लंबाई हावी होने से पहले अपना क्लोज-क्वार्टर गेम सेट कर लेते हैं तो इस बार कहानी अलग खत्म होती है।
#3 इरसल के लंबी दूरी से घातक वार
दुनिया में बहुत कम फाइटर्स इरसल जितनी सटीकता के साथ फाइट करते हैं और इस पूरे सिस्टम की नींव है उनका जैब।
उनका जैब सिर्फ रेंज सेट करने का टूल नहीं बल्कि एक घातक हथियार है। ये उनके स्ट्रेट राइट का रास्ता खोलता है, नीज़ के लिए जगह बनाता है और गार्ड नीचे खींचकर उसके बाद आने वाले हुक्स और एल्बोज़ के लिए मौका तैयार करता है। उनका टायक्वोंडो बैकग्राउंड लॉन्ग-रेंज किक्स भी जोड़ देता है, जिससे विरोधी हर दूरी पर लगातार असहज महसूस करता है।
पहली मुलाकात में जार्विस सीधे जैब के पीछे आए लेफ्ट हुक में फंस गए थे। उस पंच ने गार्ड को नीचे खींचा और हुक ने खाली जगह ढूंढ ली। रीमैच में भी वही सेटअप मौजूद है।
इस पूरे सिस्टम को और भी खतरनाक बनाती है उनकी काउंटर-पंचिंग सूझबूझ। 33 वर्षीय ये फाइटर पैटर्न पढ़ते हैं और विरोधी के खुलासे होने से पहले ही उसे सजा दे देते हैं। सिंसामट के खिलाफ दो मुलाकातों में उनके राउंड-दर-राउंड बदलाव को सुलझाना नामुमकिन साबित हुआ था।
अगर इरसल शुरुआती घंटी से ही अपनी रेंज हावी कर लेते हैं तो जार्विस का पूरा नया गेम प्लान शुरू होने से पहले ही दम तोड़ देगा।
#4 जार्विस के मिसाइल जैसे लेफ्ट हुक
जार्विस के पास लाइटवेट डिविजन के सबसे खौफनाक लेफ्ट हुक्स में से एक है। यही वो सटीक पंच था, जिसने ONE Fight Night 44 में रंगरावी के खिलाफ उनकी कमबैक जीत को ताकत दी थी और यही वो निर्णायक स्ट्राइक है, जिसे रीमैच का पूरा नतीजा बदलने के लिए इरसल की ठोड़ी तक पहुंचना होगा।
“जी-यूनिट” पहली मुलाकात के मुकाबले अब बुनियादी तौर पर एक अलग बॉक्सर हैं। सिंसामट पर उनकी जीत में बेहतर कॉम्बिनेशन स्ट्रक्चर दिखा और रंगरावी वाले शानदार मैच ने साबित किया कि वो चोट खाकर भी खुद को संभाल सकते हैं और फिर भी फाइट खत्म करने वाला जवाब दे सकते हैं।
एक आगे बढ़ने वाले चैंपियन के खिलाफ, जो हाई-वॉल्यूम कॉम्बिनेशंस से शुरुआत करता है, लेफ्ट हुक एक अचानक काउंटर के तौर पर सबसे ज्यादा संभावना वाला फिनिशिंग शॉट है।
अगर जार्विस जैब से बचकर अपना मिसाइल जैसा लेफ्ट हुक साफ तरीके से लगा पाते हैं तो 2 अक्टूबर को लाइटवेट डिविजन का सबसे दबदबे वाला राज ढह सकता है।