ONE Friday Fights कॉन्ट्रैक्ट विजेता कोंगथोरानी से जुड़ी 5 बेहद दिलचस्प बातें

Kongthoranee Sor Sommai Jaosuayai Sor Dechapan ONE Friday Fights 82

ONE Friday Fights 58: Superbon vs. Grigorian II से कोंगथोरानी सोर सोमाई की जिंदगी पूरी तरह से बदल गई।

5 अप्रैल को थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लुम्पिनी बॉक्सिंग स्टेडियम में उभरते हुए स्टार ने जाओसुयाई सोर डेचापैन को तीन राउंड के मुकाबले में सर्वसम्मत निर्णय से हराया और इसके साथ ही छह अंकों की राशि पाकर ONE के ग्लोबल रोस्टर का हिस्सा बन गए।

एशियाई प्राइमटाइम पर आने वाले ONE के वीकली इवेंट्स में कोंगथोरानी ने शानदार प्रदर्शन किया है और अब उनके पास भविष्य में प्रभावित करने के और बड़े मौके होंगे। इससे पहले कि उनकी फाइट की घोषणा हो, आइए 27 वर्षीय स्टार से जुड़ी खास बातें जान लेते हैं।

#1 जीत के विजय रथ पर सवार 

कोंगथोरानी को अपनी जबरदस्त कामयाबी के कारण छह अंकों की राशि वाला कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ है। Sor Sommai टीम के एथलीट ने ONE Friday Fights में अपने नौ में से आठ मैचों को जीता है और इसमें टॉप एथलीट्स के खिलाफ लगातार सात जीत हासिल हैं।

जब आप शीर्ष स्तर के विरोधियों का सामना करते हैं तो जीत हासिल करना आसान नहीं होता, लेकिन सात मैचों को लगातार अपने नाम करना बहुत बड़ी बात है।

कोंगथोरानी के लिए निरंतरता बहुत अहम रही है और ये सब उन्होंने सिर्फ बीते 14 महीनों में किया है।

#2 मॉय थाई की कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियां हैं उनके नाम

ONE Championship के ग्लोबल स्टेज पर कदम रखने से पहले कोंगथोरानी बैंकॉक के मॉय थाई सर्किट में एक बहुत ही चर्चित नाम थे।

पेटाबुन निवासी एथलीट ने इस खेल के सबसे मशहूर स्थानों पर मुकाबला किया है, लेकिन उन्हें सबसे बड़ी कामयाबी Rajadamnern Stadium में हासिल हुई, जहां वो 2-डिविजन वर्ल्ड चैंपियन बने थे।

इसके अतिरिक्त उन्होंने Omnoi Stadium में PAT थाईलैंड चैंपियनशिप जीती हुई है और ये सब बातें साबित करती हैं वो “द आर्ट ऑफ 8 लिंब्स” में कितने माहिर हैं।

#3 टॉप रैंक के फाइटर्स को दी मात 

कोंगथोरानी के लिए ONE में लगातार सात जीत हासिल करना आसान नहीं रहा है।

उन्होंने ईटी टीडेड99, गिंगसंगलैक टोर लकसोंग, जाओसुयाई और अंतरराष्ट्रीय स्टार्स जैसे शेरज़ोद काबुतोव और पारसा अमीनीपोर को हराया है।

उनकी ONE में सबसे बड़ी जीत टाईकी “साइलेंट स्नाइपर” नाइटो के खिलाफ आई, जो कि अक्टूबर महीने में #4 रैंक के फ्लाइवेट मॉय थाई कंटेंडर थे और अब वो #3 रैंक के फ्लाइवेट किकबॉक्सिंग कंंटेंडर हैं।

#4 उनके पास है जबरदस्त ताकत

कोंगथोरानी की जबरदस्त ताकत ने उन्हें मॉय थाई में सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

साउथपॉ (बाएं हाथ के) फाइटर ने ONE में तीन जीत नॉकआउट से हासिल की हैं, जो ये दिखाता है कि उनके पास फाइट को खत्म करने की जबरदस्त काबिलियत है।

कोंगथोरानी ने ONE के मॉय थाई नियमों के तहत 4-औंस के ग्लव्स पहनकर मुकाबले करते हुए पहले के मुकाबले अपने रवैये में बदलाव किया और इसने उन्हें अधिक कामयाबी दिलाई। इसने उन्हें डिविजन के सबसे मनोरंजक फाइटर्स में से एक बना दिया है।

#5 बड़े दिल के फाइटर

कोंगथोरानी की कामयाबी में एक बड़ा अहम रोल उनके साहस का रहा है।

थाई स्टार को ONE Friday Fights में कई सारे मुकाबलों के दौरान नॉकडाउंस का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने पहले से कहीं अधिक दृढ़ता के साथ वापसी की।

जब भी वो रिंग में प्रवेश करते हैं तो फैंस को ड्रामा और दिलचस्प फाइट्स देखने को मिलती हैं और वो लगातार अटैक करते हुए फैंस का दिल जीत लेते हैं।

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