ONE SAMURAI 1 में टाइटल मैच से पहले अवाज़बेक खोलमिर्ज़ाएव से जुड़ी 5 खास बातें जानिए
उज़्बेकी फिनिशर अवाज़बेक “निंज्या” खोलमिर्ज़ाएव जापान में होने वाले इवेंट के लिए पूरी तरह कमर कस चुके हैं।
25 वर्षीय चैलेंजर 29 अप्रैल को टोक्यो के एरियाके एरीना से लाइव प्रसारित होने वाले ONE SAMURAI 1 में ONE फ्लाइवेट MMA वर्ल्ड चैंपियन युया “लिटल पिरान्हा” वाकामत्सु को उनके खिताब के लिए चैलेंज करेंगे।
इससे पहले कि वो अपने करियर के सबसे बड़े और अहम मैच के लिए शिरकत करें, उनसे जुड़ी खास बातें जान लेते हैं।
#1 सेना में जाकर मिली मानसिक मजबूती
खोलमिर्ज़ाएव के मन में अपने देश के प्रति बहुत प्यार है और जब देश ने उन्हें बुलाया तो उन्होंने बिना हिचक जवाब दिया।
वो उज़्बेकिस्तानी मिलिट्री का हिस्सा रह चुके हैं, जो कि उनकी देशभक्ति के साथ-साथ कर्तव्य को भी दर्शाता है। वहां उनका अनुशासन, त्याग और मजबूती से परिचय हुआ।
और वो एक मजबूत, तेज-तर्रार और पूर्ण फाइटर के रूप में वहां से निकले।
उन्होंने बताया:
“मिलिट्री ने मुझे मानसिक तौर पर मजबूत बनाया। इसने मुझे तनाव, दर्द और मुश्किल परिस्थितियों को झेलने की क्षमता दी। रिंग में मैं ज्यादा कंट्रोल और फोकस्ड महसूस करता हूं।”
#2 खतरों के शौकीन
खोलमिर्ज़ाएव को रिंग और उसके बाहर जोखिम उठाने में आनंद आता है।
थाईलैंड में बसने के बाद से उन्होंने सेलिंग, जेट स्कीइंग और उन सब चीजों को किया है, जो दिल की धड़कनें तेज कर देती हैं।
उन्होंने बताया:
“मुझे इस तरह की एक्टिविटीज़ करना पसंद है क्योंकि इससे जोश आता है और तेज रहने में फायदा मिलता है। मुझे चैलेंज और खुद को लिमिट तक पुश करना पसंद हैं। ये मेरे फाइटर होने का एक हिस्सा है।”
#3 धर्म उनके जीवन का एक अहम हिस्सा है
खोलमिर्ज़ाएव एक ऐसे घर में पैदा हुए, जहां इस्लाम सिर्फ एक धर्म नहीं बल्कि जीवन जीने का एक तरीका है।
वो जो कुछ भी करते हैं, उसमें धर्म और आस्था मुख्य केंद्र में होती है। रिंग और रिंग के बाहर वो जो कुछ भी बने, उसमें इसका अहम योगदान रहा है।
वो अपनी दिनचर्या धर्म के अनुसार पालन करते हैं और ट्रेनिंग भी उसी के इर्द-गिर्द रखते हैं। खोलमिर्ज़ाएव का मानना है कि वो इस धरती पर कुछ बड़ा करने आए हैं।
#4 फाइटिंग स्टाइल मॉडर्न निंजा की तरह
खोलमिर्ज़ाएव का निकनेम “निंज्या” जिसका अर्थ है निंजा, उन पर पूरी तरह से फिट बैठता है।
वो जापानी निंजा की तरह ही अपने विरोधियों को झांसे में फंसाकर अपने ऑलराउंड खेल से उन्हें ढेर कर देते हैं। जब तक प्रतिद्वंदियों को अंदाजा होता है कि क्या हो रहा है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है।
“निंज्या” की पकड़ में जब विरोधी आते हैं तो वो उनका दम निकाल देते हैं। ONE में 89% का फिनिशिंग रेट ये बात अच्छी तरह बयां करता है।
#5 उज़्बेकिस्तान के पहले ONE MMA वर्ल्ड चैंपियन बनने के सपने की ओर
दागेस्तान के MMA में दबदबे की कहानी जगजाहिर है, लेकिन उज्बेकिस्तान भी अपनी अलग कहानी लिख रहा है।
इन दो क्षेत्रों का भूगोल करीब एक जैसा ही है, दूर-दराज तक फैले पहाड़ और जीवन यापन की कठिन परिस्थितियां, जिनसे निकलकर मजबूत फाइटर बनते हैं।
खोलमिर्ज़ाएव ऐसी ही विरासत के साथ आते हैं। जब भी वो ग्लोबल स्टेज पर कदम रखते हैं तो उनके कंधों पर पूरे देश की उम्मीदों का भार होता है।
उन्होंने कहा:
“हां, ये एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। मैं अपने देश का अच्छी तरह से प्रतिनिधित्व करने का भरसक प्रयास करूंगा।”