एडगर तबारेस का बीमारी और सताए जाने वाले बच्चे से लेकर वर्ल्ड टाइटल के लिए फाइट करने तक का सफर

Mexican Muay Thai Fighter Edgar Tabares

मेक्सिको के एडगर तबारेस विपरीत परिस्थितियों से उबरना अच्छी तरह जानते हैं क्योंकि उन्होंने अपने पूरे जीवन में कभी हार ना मानने और जीत के साथ आगे बढ़ने वाले इंसान के रूप में खुद को विकसित किया है।

शनिवार, 6 मई को जब वो ONE Fight Night 10: Johnson vs. Moraes III में ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल के लिए थाई सुपरस्टार रोडटंग जित्मुआंगनोन से भिड़ेंगे तो उन्हें इस तरह के नज़रिए की सबसे ज्यादा ज़रूरत पड़ेगी।

अमेरिकी धरती पर ऐतिहासिक रूप से पहली बार होने वाले संगठन के इवेंट में वो दुनिया के सबसे खतरनाक एथलीट्स में से एक खिलाफ वर्ल्ड टाइटल फाइट में डेब्यू करेंगे।

रोडटंग के साथ कोलोराडो के ब्रूमफील्ड के 1stBank सेंटर में होने वाले इस अहम मुकाबले में अब कुछ ही महीने बचे हैं। ऐसे में फैंस मेक्सिकन चैलेंजर के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानना चाहते हैं, जिनसे एक बड़े उलटफेर की उम्मीद की जा रही है।

बीमार और सताए जाने वाले किशोर से लेकर अपने देश के टॉप मॉय थाई फाइटर बनने तक का तबारेस का सफर बेहद दिलचस्प है।

जो करीब थे, उन्हीं ने सताया

चार भाई-बहनों में सबसे बड़े तबारेस एक संगठित परिवार में पले-बढ़े, जो आज भी उनके करीब है।

हालांकि, वो अपनी परवरिश को बहुत सकारात्मक नज़रिए से देखते हैं। वो प्यार लुटाने वाले मां-बाप के बेटे होने पर गर्व करते हैं। उनका बचपन भी परेशानियों से अछूता नहीं रहा था।

28 साल के फाइटर के मुताबिक, उन्हें अक्सर करीबियों द्वारा डराया-धमकाया जाता था। उन्होंने इसे याद करते हुए बतायाः

“मुझे लगता है कि हरेक फाइटर परेशानियों से गुज़रता है। उसी तरह मुझे भी परेशान किया गया था, लेकिन स्कूल में नहीं। मुझे चचेरे भाई, मेरे परिवार और कुछ दोस्तों ने बुली (डराया-धमकाया) किया था और ये मेरे लिए बहुत बुरा था।”

तबारेस शायद इसी वजह से बहुत टूट गए थे क्योंकि उन्हें परिवार के करीबी लोगों और दोस्तों ने सताया था।

हालांकि, ईश्वर के करीब जाने के लिए धर्म और आस्था ने उन्हें इस दर्द से उबरने में मदद की और अंततः उन्होंने उन लोगों को माफ कर दिया, जिन्होंने उन्हें सताया था।

उन्होंने बतायाः

“मैं इन चीजों से बुरी तरह आहत हो गया क्योंकि मेरे माता-पिता ने भी उनके खिलाफ कुछ नहीं किया। शायद, वो मेरे चाची और चाचाओं से किसी तरह का मतभेद नहीं चाहते थे, लेकिन मुझे लगता है कि इसने मुझे इतना बड़ा आघात पहुंचाया था कि अब भी वो मेरे जेहन में मौजूद है।

लेकिन जैसा कि मैंने आपको बताया है, जब मुझे भगवान मिले तो वो आज़ादी भी मिल गई, जिसकी मुझे ज़रूरत थी। इसी कारण आज मुझे सब कुछ बेहतर लग रहा है। मैं आज़ाद महसूस करता हूं। मुझे अपने चचेरे भाई-बहनों को गले लगाने की स्वतंत्रता है। उन दोस्तों को भी जिगर से लगाने की आज़ादी है, जिन्होंने मुझे सताया था।”

अनुभवों को अपनी ताकत में बदला

सताए जाने की वजह से इस युवा फाइटर में गुस्सा भर गया और वो कठोर बन गए ताकि वो जल्द ही रिंग में फाइट करना सीख लें।

मॉय थाई और बॉक्सिंग में जाने से पहले टायक्वोंडो से शुरुआत करने वाले तबारेस ने अपनी मानसिक दृढ़ता को ही फाइट में एक गुण के रूप में खोज लिया। फिर धैर्य रखने वाले इस फाइटर को कॉम्बैट स्पोर्ट्स से जल्द ही प्यार हो गया।

28 साल के एथलीट ने कहाः

“आप मुझे पंच मार सकते, हमला कर सकते, चोट पहुंचा सकते, लेकिन आप मुझे रोक नहीं सकते हैं क्योंकि मेरे अपने सपने हैं। मेरे पास उसे पूरा करने का एक लक्ष्य है। ये सारी चीजें ऐसी हैं, जो मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।”

टायक्वोंडो का शुरुआती अनुभव लेने के बाद तबारेस ने किशोरावस्था में ही आसानी से मॉय थाई को चुन लिया। उन्होंने स्ट्राइकिंग गेम के साथ अपनी बॉक्सिंग पर भी पूरा ध्यान केंद्रित करना शुरू किया।

कुछ ही समय बाद उन्होंने प्रतिस्पर्धा करनी भी शुरू कर दी, लेकिन अपनी पहली फाइट में तबारेस को एक ऐसे अप्रत्याशित प्रतिद्वंदी के सामने खड़ा कर दिया गया, जो उनका छोटा भाई ही था।

अपने पहले किकबॉक्सिंग मैच की अजीब परिस्थितियों के बारे में उन्होंने बतायाः

“वो बहुत अजीब क्षण था क्योंकि मैंने और मेरे दूसरे भाई ने एक ही वक्त पर शुरुआत की थी। मैं उनसे एक साल बड़ा था और हमने एक साथ शुरुआत करते हुए ट्रेनिंग करनी शुरू की थी। फिर जब हमारी पहली फाइट हुई तो हम दोनों ही एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी निकल आए।

“मैं और मेरा भाई आमने-सामने थे और हमारा कोई अन्य प्रतिद्वंदी नहीं था। इस वजह से हमने फाइट करने का फैसला किया। हमारे ही बीच फाइट निर्धारित थी। ये मेरी पहली बाउट थी, जो बिल्कुल भी मुझे उत्साहित नहीं कर रही थी क्योंकि वो मेरे भाई के साथ थी। फिर भी रिंग में उतरना और लोगों को चिल्लाते हुए देखकर बहुत अच्छा लगा था।”

बीमारी की वजह से दो साल का लिया ब्रेक

मेक्सिकन एथलीट जब तेज़ी से मॉय थाई फाइटर बनने के लिए मेहनत कर रहे थे, तभी वो गंभीर रूप से बीमार पड़ गए।

17 साल की उम्र में दुबले-पतले तबारेस को हेपेटाइटिस की वजह से 2 साल के लिए मुकाबलों से बाहर होना पड़ा। उनके लिए ये वक्त एक चुनौतीपूर्ण परीक्षा के रूप में था, जिसमें पास होने के लिए भगवान के प्रति उनका अटूट विश्वास बहुत काम आया।

उन्होंने बतायाः

“मैंने हेपेटाइटिस के साथ ही ट्रेनिंग की। मुझे इसकी वजह से बहुत संघर्ष करना पड़ा। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी इसलिए मैं इसके साथ जिंदगी जीता जा रहा था। फिर मैं बहुत बीमार पड़ने लगा और मेरा लिवर खराब होने लगा। सच में मेरी उस वक्त बहुत खराब स्थिति हो गई थी। मुझे इस स्पोर्ट्स से 2 साल का लंबा गैप लेना पड़ा था।

“मैं मॉय थाई की ट्रेनिंग ले रहा था, लेकिन एक फाइटर के रूप में मुझे करियर पर ब्रेक लगाना पड़ा क्योंकि मैं अपनी बीमारी से बहुत डर गया था। खैर, भगवान ने कृपा बनाए रखी और मुझे फिर से ठीक कर दिया।”

समस्याओं से उबरकर तबारेस ने वापसी की और मेक्सिको के टॉप मॉय थाई एथलीट बन गए। 2022 में वो WBC मॉय थाई इंटरनेशनल चैंपियनशिप जीतने वाले पहले मेक्सिकन फाइटर बने। इसके दम पर उन्होंने अपने देश को वैश्विक परिदृश्य में एक तेज़ी से उभरती शक्ति के रूप में स्थापित किया और ONE Championship का अपनी ओर ध्यान आकर्षित कराया।

उनका ये पूरा सफर बेहद संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन तबारेस ने इस दौरान 2 बहुत ही महत्वपूर्ण लोगों से प्रेरणा ली।

उन्होंने बतायाः

“पिता ने मुझसे कहा कि अगर तुमको समस्या है तो कोई बात नहीं। अगर तुम्हारे पास पैसा या कुछ भी नहीं है तो हर हाल में तुमको सबसे बेहतर करके दिखाना होगा। तुमको खुद ही हर चीज़ पर काबू पाने का तरीका खोजना होगा। वो बहुत मेहनती हैं और उन्होंने मुझे भी अपनी ही तरह मेहनती बना दिया।

“एक और शख्स हैं, जिन्होंने हीरो के रूप में मुझे प्रेरणा दी और वो मेरे ससुर हैं। वो भी बहुत मेहनती हैं, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि आप सबसे प्यार कर सकते हो। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई आपको चोट पहुंचाता है। बस आपको उससे प्यार करने की ज़रूरत है। अगर आप किसी को प्यार नहीं देते तो आप अच्छे इंसान नहीं बन रहे हैं। इस दुनिया में बहुत से बुरे लोग हैं और ढेर सारी बुराइयां हैं। आप एक प्यार करने वाले इंसान के रूप में उस फर्क को कम कर सकते हैं।”

‘मैं रोडटंग पर हावी होना चाहता हूं’

अपनी विश्वस्तरीय उपलब्धियों के बावजूद तबारेस जब कोलोराडो के ब्रूमफ़ील्ड में रोडटंग से भिड़ेंगे तो उन्हें अपने करियर की सबसे कठिन परीक्षा से होकर गुज़रना पड़ेगा।

थाई सनसनी ने करियर में 250 से ज्यादा मैच जीते हैं। उन्होंने कभी भी ONE में स्ट्राइकिंग फाइट नहीं हारी है। वो संगठन में सबसे लंबे वक्त बने रहने वाले फ्लाइवेट मॉय थाई किंग हैं। फिर भी मेक्सिकन एथलीट इन सब चुनौतियों से निपटने को तैयार हैं।

उन्होंने कहाः

“हम यहां मैक्सिको में कहते हैं कि सांड़ को उसकी सींगों से पकड़ो। मुझे पता है कि रोडटंग एक खतरनाक फाइटर हैं और मैं उन पर पूरी तरह से हावी होना चाहता हूं।”

कई साल से तबारेस ONE Championship के बेहतरीन से बेहतरीन फाइटर के खिलाफ बाउट करने को तैयार हैं।

वो जब “द आयरन मैन” से भिड़ेंगे तो उनके पास ऐसा करने का मौका होगा और उन्हें पता चलेगा कि 6 मई को 26 पाउंड की गोल्ड बेल्ट जीतने के लिए उन्हें अपने गेम को टॉप लेवल के फाइटर की तरह रखना होगा।

तबारेस ने कहाः

“मैं रोडटंग से बाउट करने के लिए उत्साहित हूं। ONE वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए मुकाबला करना मेरा एक सपना है। ये मेरे लिए ऊपरवाले की तरफ से भेजा गया तोहफा है और मैं उसे पाने के उद्देश्य से ही आगे बढ़ रहा हूं। मैं अब इसकी प्रतीक्षा नहीं करना चाहता। मुझे अपने सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी।”

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