बलिदान ने रोड्रीगेज़ को मॉय थाई की बड़ी फाइटर बनने के लिए प्रेरित किया – ‘जीवन में अकेले रहने के बाद मैं मजबूत महिला बन गई’

Brazilian Muay Thai fighter Allycia Hellen Rodrigues defeats Stamp Fairtex to win ONE World Title gold

एलिसिया हेलन रोड्रीगेज़ ने जिस तरह का जीवन जीने का सपना देखा था, उसे पाने के लिए उन्हें त्याग और बड़े पैमाने पर समर्पण करना पड़ा।

2020 में मौजूदा ONE एटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन ने खेल का सबसे बड़ा पुरस्कार जीता था। पहले बच्चे को जन्म देने के बाद अब वो ONE Fight Night 8: Superlek vs. Rodtang में वर्ल्ड टाइटल यूनिफिकेशन बाउट में अंतरिम टाइटल होल्डर जेनेट टॉड से भिड़ेंगी।

उनके लिए ये सब कभी आसान नहीं था, लेकिन ब्राज़ीलियाई स्ट्राइकर ने मजबूत बनना व आज़ाद होना सीखा और आखिरकार “द आर्ट ऑफ 8 लिम्ब्स” में सम्मान हासिल किया।

शनिवार, 25 मार्च को सिंगापुर इंडोर स्टेडियम में जेनेट टॉड का सामना करने से पहले रोड्रीगेज़ के टॉप पर पहुंचने तक के सफर के बारे में आइए सब कुछ जानते हैं।

परिवार हमेशा सबकुछ रहा

रोड्रीगेज़ का जन्म और पालन-पोषण ब्राज़ील के कौकाया में हुआ, जो देश के उत्तरी-पूर्वी भाग में स्थित है और अटलांटिक तट रेखा से घिरा है।

वो माता-पिता और बहन के साथ एक प्यार करने वाले परिवार का हिस्सा थीं, जबकि एथलेटिक्स ने उनके जीवन में हमेशा बड़ी भूमिका निभाई।

उन्होंने याद करते हुए बतायाः

“मेरा बचपन अच्छा गुज़रा। मैंने हमेशा फुटबॉल, कापोएरा (मार्शल आर्ट), तैराकी और हैंडबॉल जैसे खेलों में हाथ आज़माया है।

“परिवार ही हमेशा मेरा आधार रहा है। माता-पिता और बहन मेरी मजबूत नींव रहे हैं। परिवार हमेशा से मेरे लिए सब कुछ रहा है।”

कम उम्र में ही ब्राज़ीलियाई एथलीट का लक्ष्य एक प्रोफेशनल फाइटर बनना था। उनकी किस्मत में यही लिखा और उसमें उनके माता-पिता ने भी भरपूर समर्थन दिया।

हालांकि, बचपन के बाद उनका पसंदीदा खेल बदल गया, लेकिन परिवार की तरफ से उनको मिलने वाला समर्थन हमेशा बना रहा।

रोड्रीगेज़ ने बतायाः

“मेरे पिता एक प्रोफेशनल फुटबॉल खिलाड़ी थे और मां दर्जी थीं। मेरे माता-पिता ने हमेशा हर तरह से मुझे खेलों के प्रति प्रोत्साहित किया। जितना हो सकता था, उन्होंने मेरे लिए बेहतर करने की कोशिश की।

“चूंकि मैं जब छोटी थी, तब हमेशा किसी खेल को लेकर सपना देखा करती थी। ये तब तक था, जब तक मुझे मॉय थाई से प्यार नहीं हो गया। मैंने फुटबॉल को लेकर कई सपने देखे थे।”

मॉय थाई से प्यार होना

रोड्रीगेज़ के देश का सबसे लोकप्रिय खेल फुटबॉल है इसलिए उन्होंने अपने पिता के नक्शे-कदम पर चलना शुरू किया।

हालांकि, जब उन्होंने बाकी खेलों में हाथ आज़माया तो ये साफ हो गया कि उनके पास ऐसे गुण मौजूद हैं, जो उन्हें किसी भी खेल में सफल होने में मदद कर सकते हैं।

वहीं, जब कॉम्बैट स्पोर्ट्स में उनका पहला कदम जीवनभर के जुनून की तरह नहीं बना तो फिर उन्होंने प्रतिस्पर्धा के लिए अपने प्यार को जगाया। बाद में वो इसमें ही पूरी तरह से डूब गईं।

रोड्रीगेज़ ने बतायाः

“मार्शल आर्ट्स से मेरी पहली भेंट कापोएरा के रूप में तब हुई, जब मैं 8 साल की थी। खुद को अच्छी तरह से विकसित करने की वजह से कापोएरा में मैंने अपनी अलग जगह बना ली थी।

“सच में, मुझे कापोएरा का सर्कल और उसकी प्रतिस्पर्धाओं से प्यार होता गया। मैंने कापोएरा में 4 बार ग्रेजुएशन किया और फिर मेरी अन्य स्पोर्ट्स में भी दिलचस्पी जागी।”

पहले से ही किक की कुछ स्किल्स के साथ अच्छी रफ्तार हासिल करने की वजह से युवा ब्राज़ीलियाई एथलीट ने 13 साल की उम्र में अपनी बहन के साथ मॉय थाई की ट्रेनिंग लेनी शुरू की। इसके साथ वो ये भी जान गई थीं कि उन्होंने अपना जुनून खोज लिया है।

वहां से उन्हें मुकाबले शुरू करने में ज्यादा वक्त नहीं लगा। इसमें कोई शक नहीं कि रोड्रीगेज़ शुरू से ही प्रतिभाशाली थीं। वो जानती थीं कि इस खेल में भविष्य बनाने के लिए खुद में बड़ा परिवर्तन करना ज़रूरी होगा।

उन्होंने विस्तार से बतायाः

“महज 3 महीने की ट्रेनिंग के बाद ही मुकाबला करने का मौका मिल गया और मुझे इस खेल से प्यार हो गया।

“दुर्भाग्य से ब्राज़ील में मेरे पास प्रतिस्पर्धा करने के ज्यादा अवसर नहीं थे और ना ही मैं फाइट करके पैसा कमा सकती थी। फिर मैंने थाइलैंड जाने का निर्णय लिया।”

अपने परिवार को छोड़ा

ब्राज़ील में प्रतिस्पर्धा के अभाव की वजह से निराश रोड्रीगेज़ ने 20 साल की उम्र में अपने मॉय थाई करियर को आगे बढ़ाने का फैसला किया।

माता-पिता और अपनी बहन के बगैर विदेश जाकर रहना आसान नहीं था, लेकिन वो जानती थीं कि “द आर्ट ऑफ 8 लिम्ब्स” में अपनी क्षमताओं को हकीकत में पूरा करना उनके लिए कितना ज़रूरी है।

Phuket Fight Club की प्रतिनिधि ने बतायाः

“जीवन में हर चीज़ को पाने के लिए बलिदान देना पड़ता है और मेरे लिए सबसे बड़ा बलिदान परिवार को छोड़ना था। घर से दूर दूसरे देश में दूसरी संस्कृति में खुद को ढालना आसान नहीं था।

“हालांकि, कुछ ही महीनों में मैं परिपक्व हो गई और मैंने अपनी आज़ादी हासिल कर ली। मुझे लगता है कि अकेले जीवन का सामना करने के बाद मैं मजबूत महिला बन गई। मैं आज वही हूं, जो मैं बनना चाहती थी क्योंकि मैं किसी चीज़ से डरी नहीं, बस आगे बढ़ती गई।”

अच्छी बात ये रही कि मां ने हमेशा उनका साथ दिया। विदेश में रहने के दौरान जटिल फाइट कैम्प और अन्य चुनौतियों के दौरान उनकी भरपूर मदद की।

ये तब तक चलता रहा, जब तक ब्राज़ीलियाई फाइटर स्टैम्प फेयरटेक्स को हराकर ONE एटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद गर्भवती नहीं हो गईं। इस बार रोड्रीगेज़ की मां को मालूम था कि उन्हें अपनी बेटी के साथ एशिया में रहने की ज़रूरत है।

एटमवेट मॉय थाई क्वीन ने बतायाः

“मेरी मां ने पहली फाइट से ही हमेशा मेरा साथ दिया। फिर भी हमेशा भारी मन और मुझे चोट लगने के डर के बावजूद उन्होंने मुझे कभी हार नहीं मानने दी।

“अभी वो मेरे साथ थाईलैंड में रहती हैं और मेरे बेटे होसुए की परवरिश में मदद करती हैं। दरअसल, एक एथलीट के रूप में मेरा रूटीन बहुत व्यस्त रहता है। उन्होंने मेरे साथ रहने के लिए यहां आने के बारे में एक बार भी नहीं सोचा।

“मैं हर रोज़ अपनी मां से बेटे के लिए अच्छी मां और परिवार के लिए एक जिम्मेदार और वफादार इंसान बनने के बारे में बहुत कुछ सीखती हूं।”

कुछ बड़ा करने के लिए फाइट करनी है

फुकेत में एक मददगार टीम और प्यार करने वाले परिवार से घिरीं रोड्रीगेज़ कॉम्बैट स्पोर्ट्स में वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार महसूस कर रही हैं।

वो हमेशा से मॉय थाई में सफल होने के लिए प्रेरित रहा करती थीं तो अब उनके पास एक महान फाइटर बनने की नई वजह है।

रोड्रीगेज़ ने बतायाः

“बेटा ही मेरी सबसे बड़ी दौलत है। वो मेरी ताकत है और ये उसके लिए ही है कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देना जारी रखूं। मैं हमेशा उसके साथ यादगार वक्त गुज़ारने के मौके निकालती हूं। ये सब एक ही समय में अद्भुत और चुनौतीपूर्ण रहा है।”

इसमें दोराय नहीं कि जब आप वर्ल्ड चैंपियन होते हैं तो वापसी बिल्कुल भी आसान नहीं होती है और जब सामने 2-स्पोर्ट सुपरस्टार जेनेट टॉड हों तो चुनौती और भी मुश्किल हो जाती है।

हालांकि, लंबे वक्त तक फाइटिंग से दूर रहने के बावजूद रोड्रीगेज़ को भरोसा है कि वो गोल्डन बेल्ट को यूनिफाई कर सकती हैं और जल्द ही डिविज़न पर पूरी तरह से अपना दबदबा बना सकती हैं।

उन्होंने कहाः

“ONE वर्ल्ड टाइटल जीतकर मुझे महसूस हुआ कि मैं अब भी कितनी दूर जा सकती हूं। मुझे पता है कि मेरा बेस्ट आना अभी बाकी है। मैं आगे आने वाली हर चुनौती के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।

“असलियत में, मैं खुद पर और अपनी ट्रेनिंग पर विश्वास करती हूं, जो अपनी टीम के साथ कर रही हूं। सर्कल से लंबे वक्त तक दूर रहने के बावजूद आप ये तय कर सकते हैं कि मैंने बहुत मेहनत की। अब मैं पूरे डिविजन को मुश्किल में डालने के लिए फिर से वापस आ रही हूं।”

मॉय थाई में और

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Duangdawnoi Looksaikongdin makes her walks before she faces Kim Townsend at ONE Friday Fights 128
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Rodtang, Nong O, Shimon, and Ramadan will compete at The Inner Circle 38
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