विशेष कहानियाँ

कैसे वुशु ने शाहजेब रिंध को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का मार्ग प्रशस्त किया

सितम्बर 6, 2019

ONE चैम्पियनशिप रोस्टर में शामिल होने वाले सबसे बहुमुखी एथलीटों में से एक इस शुक्रवार 6 सितंबर को शाहजेब “द किंग” रिंध वैश्विक मंच पर अपना प्रमोशनल डेब्यू करेंगे।

क्वेटा, पाकिस्तान का यह व्यक्ति पहली बार स्थानीय चहीते गुयेन थान तुंग के खिलाफ वियतनाम में होम ऑफ मार्शल आर्ट्स की ONE: इमॉर्टल ट्राइअम्फ की फेदरवेट किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में उतरेगा।

“किंग” का उद्देश्य है कि ONE में वर्ल्ड टाइटल जीतकर वह अपने उपनाम को जिंदा रखे। वह हो ची मिन सिटी के फू थो इंडोर स्टेडियम में इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता के लिए तैयार है। उसने बताया कि कैसे वुशु सांडा की पृष्ठभूमि ने उसे खेल में सफलता दिलाई और एक युवा के रूप में उसे परेशानी से दूर रखा।

एक कठिन अभ्यास

रिन्ध का सफर क्वेटा में एक मनमौजी युवक के रूप में शुरू हुआ था। रिंध के अनुसार पाकिस्तान और अफगानिस्तान सीमा के पास बसे इस शहर लोग संघर्ष के रास्ते पर थे।

उसने बताया कि “वे लोग खेल में लड़ाई के मुकाबले पसंद करते हैं। एक लड़के के रूप में मैं हमेशा सड़कों पर लड़ता था। मैं एक गुस्सैल स्वभाव और लड़ाकू था। इसलिए मेरे माता-पिता मुझसे परेशान हो गए। उन्होंने मेरे गुस्से को नियंत्रित करने के लिए मुझे वुशु सांडा क्लब में भेज दिया।”

रिन्ध के बड़े भाई उन्हें जिम में ले गए और 9 साल के बच्चे को तोड़ देने वाला सबक सिखाने का प्रयास किया। इस उम्मीद के साथ कि वह अब लड़ने से मना कर देगा।

रिंध ने कहा कि “मेरे भाई ने जिम में पहले दिन ही मेरी एक क्लब चैंपियन के साथ लड़ाई करवाई। उस लड़के ने वाकई मुझे बुरी तरह से पीटा और मेरी नाक भी तोड़ दी। मेरा भाई मुझे झगड़ते हुए देखना पसंद नहीं करता था। इसीलिए उन्होंने मुझे बहुत कड़ा सबक सिखाने की कोशिश की।”

सही दिशा

रिंध को लड़ाई से हतोत्साहित करने के उसके बड़े भाई के प्रयासों का विपरीत प्रभाव पड़ा। अधिकांश 9-वर्षीय बच्चों को इस तरह के अनुभव के बाद फिर से जिम में पैर रखने की संभावना नहीं होगी लेकिन सुधार करने की इच्छा से रिंध इसमें बना रहा।

31 वर्षीय कहते हैं कि “उस समय मैं बहुत छोटा था। इसलिए जब मैं पहली बार घर आया तब मैंने अपनी टूटी नाक को देखा और मुझे एहसास हुआ कि मैं सबसे ताकतवर नहीं था। इसके बाद मैंने तुरंत प्रशिक्षण शुरू कर दिया। क्योंकि मैं सीखना चाहता था कि कैसे उस लड़के के साथ प्रतिस्पर्धा की जाए।”

एक वर्ष के भीतर उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ मैच करने के लिए मुक्केबाजी के अभ्यास में बहुत कुछ सीखा था। उन्होंने प्रतिस्पर्धा की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्धता दिखाई। जबकि रिंध के बड़े भाई की योजना उन्हें मार्शल आर्ट्स से दूर रखने की थी।

“किंग” का कहना है कि उसे इससे हटाने के लिए उनका परिवार पीछे पड़ गया। क्योंकि उन्होंने शौकिया तौर पर ये करियर शुरू किया था- यह शुरू करने के लिए उन्हें संघर्ष भी करना पड़ा। मैं एक गरीब पारीवारिक पृष्ठभूमि से आता हूं।”

“मेरे पिता एक सिविल सेवक, मां एक गृहिणी और बड़ा भाई एक विद्यार्थी है। इसलिए शुरुआत में बहुत मुश्किलें थीं। जब मैं शौकिया तौर पर टूर्नामेंट में गया था। मेरे पास अक्सर खर्चों का भुगतान करने के लिए पैसे नहीं होते थे। कभी-कभी मेरे कोच हाफिज़ तोफ़ान ने इसमें मेरी सहायता की।

“लेकिन मैं यह सहन कर सकता था। क्योंकि मुझे पता था कि मेरा परिवार हमेशा मुझे भावनात्मक रूप से सहयोग करता है। मेरी मां जानती है कि मैं बहुत मुश्किल खेल में शामिल हुआ हूं। वह मुझे चोटिल होते हुए नहीं देखना चाहती थीं। इसलिए वह हमेशा मेरे लिए प्रार्थना करती। इससे मुझे आत्मविश्वास मिलता है।”

चैंपियन बनना

रिन्ध ने कई खेलों में सफलता का लुत्फ लिया है लेकिन वुशु सांडा (एक चीनी मार्शल आर्ट) में ज्यादा प्रतिष्ठा बनाई है। रिध का कहना है कि उसने दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट संगठन में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए खुद को पूरी तरह से तैयार किया है।

वह कहता है कि ” एक प्रसिद्ध मार्शल आर्ट के बजाय मैंने वुशु संडा चुना। क्योंकि यह क्वेटा में बहुत लोकप्रिय है। इसमें कुश्ती, किकिंग, मुक्केबाजी का उपयोग होता है। इसलिए यह एक बहुत ही कठिन खेल है। अब मैं कई बार का राष्ट्रीय चैंपियन हूं लेकिन मैंने किकबॉक्सिंग, मुक्केबाजी और मिक्सड मार्शल आर्ट में भी भाग लिया है। इसके साथ कुश्ती और ताइक्वांडो में भी प्रशिक्षण लिया है।”

विल्सन वुशू अकादमी और रेड ड्रैगन जिम के प्रतिनिधि ने अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया और दक्षिण एशियाई वुशु चैंपियन बन गए। अब उनका ध्यान हो ची मिन सिटी में होने वाली किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता पर है।

उन्होंने केवल एक बार इन नियमों के तहत प्रतिस्पर्धा की है और उस मुकाबले को जीत लिया। उनका मानना ​​है कि वैश्विक मंच पर रिंग में कदम रखने पर उन्हें फिर से उसे व्यवस्थित करने में कोई समस्या नहीं होगी।

रिंध बताते हैं कि “किकबॉक्सिंग और वुशू सांडा में बहुत कुछ समान है। केवल अंतर ये है कि वुशु सांडा में हमारे पास थ्रो भी होते हैं। मैंने मुक्केबाजी में भी प्रतिस्पर्धा की है। इसलिए यह मुश्किल नहीं है कि थ्रो का इस्तेमाल किए बिना प्रतिस्पर्धा करें।”

बहुत बड़ी महत्वाकांक्षाएं

Nguyen Thanh Tung and Shahzaib Rindh face the media at the ONE: IMMORTAL TRIUMPH open workout in Ho Chi Minh City, Vietnam

रिंध अपने अभियान में विजयी शुरुआत करने के लिए पूरी तरह से आश्वस्त है। वह ONE में कई खेलों के विश्व खिताब की ओर बढ़ रहा है। वह कहते हैं कि “मैंने ONE के साथ एक अनुबंध स्वीकार किया क्योंकि मैं किकबॉक्सिंग और मिक्सड मार्शल आर्ट के दो डिविजन में विश्व चैंपियन बनना चाहता हूं।”

हालांकि वह जानता है कि वह थान तुंग से आगे नहीं देख सकता है। वह एक युवा और उत्सुक प्रतियोगी है जिसे हो ची मिन सिटी में घरेलू भीड़ का पूरा समर्थन मिलेगा। दो बार के वियतनामी मय थाई चैंपियन को भी नॉकआउट द्वारा जीतने की आदत है लेकिन रिन्ध का मानना ​​है कि वह एक हाइलाइट रील फिनिश के साथ जीतेगा।

उन्होंने कहा कि ”मैं किसी भी मौके के लिए तैयार हूं जो ONE मुझे देना चाहता है, लेकिन मैं इस मैच पर (टंग के खिलाफ) सबसे पहले केंद्रित हूं। मेरे प्रतिद्वंद्वी की मय थाई पृष्ठभूमि है। मैंने उनकी लड़ाई के वीडियो देखे हैं। इसलिए मुझे पता है कि उनके साथ कैसा व्यवहार करना है। मेरे पैर बहुत लंबे हैं, इसलिए मैं फ्रंट पुश किक्स का उपयोग बहुत अच्छी तरह से करता हूं, लेकिन मैं किक और मुक्के दोनों के संयोजन से प्रहार करता हूं।”

“मैं जीत जाऊंगा क्योंकि मैं बहुत केंद्रित हूं और मुझे अपने प्रशिक्षण पर पूरा विश्वास है। मुझे लगता है कि मैं उसे दूसरे राउंड में बाहर कर दूंगा … शायद यह पहले राउंड में भी हो सकता है। प्रशंसक मेरी लड़ाई को पसंद करेंगे क्योंकि मैं किक और घूंसे के साथ आक्रामक हूं।”

हो ची मिन सिटी | 6 सितम्बर  | 5.30PM | ONE: इमॉर्टल ट्राइअम्फ  | टीवी : वैश्विक प्रसारण के लिए स्थानीय सूची का अवलोकन करें| टिकट: http://bit.ly/oneimmortal19