ONE Fight Night 40 में दो खेलों की चैंपियन बनने के बाद बहुत खुश हैं स्टेला हेमेट्सबर्गर – ‘हमने इतिहास लिख दिया’
लुम्पिनी स्टेडियम में स्टेला “ऑल्वेज़ हंग्री” हेमेट्सबर्गर ने दो खेलों की ONE वर्ल्ड चैंपियन बनकर इतिहास रचा।
शनिवार, 14 फरवरी को हुए ONE Fight Night 40 में ऑस्ट्रियाई सनसनी ने फिलीपीना-अमेरिकी प्रतिद्वंदी जैकी बुंटान को विभाजित निर्णय से रीमैच में हराकर ONE विमेंस स्ट्रॉवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल अपने नाम किया।
पहले से ही मॉय थाई चैंपियन 27 वर्षीय फाइटर अब ONE Championship इतिहास की तीसरी महिला फाइटर बन गईं, जिन्होंने ये कारनामा किया। इससे पहले दो खेलों के खिताब स्टैम्प फेयरटेक्स और जेनेट टॉड ने जीते थे।
ये उपलब्धि निजी तौर पर उनके देश के लिए बहुत बड़ी बात है और वो भावनाओं से भरी हुई हैं।
दो खेलों की नई चैंपियन ने बताया:
“मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैं बेहतरीन महसूस कर रही हूं। दूसरे शब्दों में कहें तो ये बस कमाल है, जबरदस्त लग रहा है। मैं बहुत खुश हूं।”
मॉय थाई मैच होने के पांच महीने बाद इनकी टक्कर हुई। उस पहली फाइट में ऑस्ट्रियाई स्टार ने कैलिफोर्निया निवासी को पहले राउंड में दो बार नॉकडाउन कर बढ़त बना ली थी।
इस बार टक्कर किकबॉक्सिंग नियमों के तहत थी और यहां भी नतीजा उन्हीं के पक्ष में आया।
15 मिनट के जोरदार एक्शन के दौरान बुंटान के तेज हाथों और कॉम्बिनेशन ने विरोधी को छकाया। लेकिन हेमेट्सबर्गर ने सटीक काउंटर, बॉडी किक और कॉम्बिनेशन से करारा जवाब दिया।
इनके बीच हुए दोनों मुकाबलों को लेकर हेमेट्सबर्गर ने विस्तार से चर्चा की।
“ऑल्वेज़ हंग्री” ने कहा:
“ये अलग था। पहली फाइट में मैं पहले राउंड में दो नॉकडाउन करने में सफल रही, जिसने फाइट का फैसला कर दिया। इस फाइट में मुझे लगता है कि मैं पांच राउंड की अच्छी फाइट करने में सफल रही और आखिर तक अच्छा रहने में कामयाब रही, अपनी स्किल्स फिर से दिखाईं।
“ये पहली फाइट से अलग थी क्योंकि पहली में नॉकडाउन का फाइट पर बड़ा असर पड़ा था, लेकिन मुझे लगता है कि इस फाइट में दिखा सकी कि पांच राउंड में मैं बेहतर फाइटर थी।”
हेमेट्सबर्गर की बैंकॉक में ऐतिहासिक कारनामे के बाद भविष्य पर नजर
बैंकॉक के लुम्पिनी स्टेडियम में हुए ONE Fight Night 40 में स्टेला हेमेट्सबर्गर ने ना सिर्फ जैकी बुंटान को हराया बल्कि दुनिया के सबसे बड़े मार्शल आर्ट्स संगठन में इतिहास भी रचा।
अब ऑस्ट्रियाई स्टार के पास ONE विमेंस स्ट्रॉवेट मॉय थाई और किकबॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल हैं। दो बेल्ट जीतने के बाद उनका लक्ष्य पर प्रतिद्वंदिता से हटकर जिम्मेदारी पर टिक गया है।
हेमेट्सबर्गर ने हमेशा ही फिलीपीना-अमेरिकी पूर्व चैंपियन के प्रति सम्मान दिखाया है और रीमैच के बाद भी उनके व्यवहार में किसी तरह का बदलाव नहीं हुआ है। अब चाहे इनकी तीसरी बार भिड़ंत हो या फिर उन्हें नया चैलेंजर मिले, वो रवैया नहीं बदलेगा।
अब हेमेट्सबर्गर के कंधों पर दो खेलों का भार है।
उन्होंने कहा:
“मैं जो भी हो, उसे डिफेंड करूंगी। लेकिन आज मुझे किकबॉक्सिंग में फिर से सच में बहुत अच्छा लगा। मुझे किकबॉक्सिंग के नियम वाकई पसंद हैं। मुझे मॉय थाई भी पसंद है। भविष्य के बारे में देखेंगे, लेकिन मुझे किकबॉक्सिंग में अच्छा लगा। मुझे किकबॉक्सिंग पसंद है, लेकिन डबल चैंपियन होने के नाते देखेंगे आगे क्या होता है।
“मुझे किसी का नाम लेना पसंद नहीं है। मुझे लगता है कि जो भी मेरे रास्ते में मुझसे फाइट के लिए आएगी, मुझे बेल्ट के लिए चुनौती देने, वो पक्का एक मजबूत प्रतिद्वंदी होगी। चैंपियन के रूप में कोई आसान फाइट नहीं होती। देखेंगे जो भी आएगी, मैं मेहनत करूंगी और फिर से एक शानदार फाइट दूंगी।”
हेमेट्सबर्गर को यहां तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी है।
यूरोपियन सर्किट पर अपनी छाप छोड़ने के बाद “ऑल्वेज़ हंग्री” ने ONE Friday Fights वीकली इवेंट सीरीज में कदम रखा और लगातार तीन जीत दर्ज करने के बाद एक लाख यूएस डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट जीतकर ग्लोबल रोस्टर में जगह बनाई।
वहां से उनकी उड़ान जारी रही और वो पिछले साल अपने देश ऑस्ट्रिया की पहली ONE वर्ल्ड चैंपियन बनीं और अब डबल चैंपियन बन चुकी हैं।
हेमेट्सबर्गर ने अंत में कहा:
“घर पर सभी को बहुत धन्यवाद – घर पर मेरी टीम, मेरे दोस्त, पुलिस जो मेरे करियर में मेरा साथ दे रही है। और ऑस्ट्रिया में हर एक व्यक्ति। हमने ONE Championship में पहली ऑस्ट्रियाई फाइटर बनकर इतिहास बनाया है, पहली ऑस्ट्रियाई चैंपियन बनकर और पहली ऑस्ट्रियाई डबल चैंपियन बनकर, हमने इतिहास लिख दिया है।
“ऐसे छोटे देश का प्रतिनिधित्व करते हुए जो फाइटिंग की दुनिया में इतना बड़ा नहीं है, मुझे बहुत खुशी होती है और लोगों को ऑस्ट्रिया के बारे में भी अधिक जागरूक बनाना है।”