विशेष कहानियाँ

तारिक खबाबेज़ ने मार्शल आर्ट्स के जरिए खुद को किया शांत

नवम्बर 15, 2019

तारिक खबाबेज़ “द टैंक” की आक्रामकता उसे अपनी जवानी में गलत रास्ते पर ले जा सकती थी।

डच-मोरक्कन योद्धा ONE: AGE OF DRAGONS में ONE लाइट हैवीवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड टाइटल का उद्घाटन मैच रोमन क्रीकलिआ के खिलाफ लड़ेंगे। दरअसल, तारिक काफी गर्म मिजाज़ के योद्धा हैं, जो अक्सर मुकाबले के लिए तैयार रहते हैं।

उन्हें स्कूल से निष्कासित कर दिया गया था, जिसके बाद भविष्य को लेकर उनकी संभावनाएँ अच्छी नहीं दिख रही थीं। हालांकि, उन्होंने मार्शल आर्ट्स के जरिए अपनी आक्रामकता को और अधिक सकारात्मक तरीके से पाया। उन्होंने जब किक बॉक्सिंग शुरू की तो अपने जुझारू स्वभाव को विकसित करने के लिए एक अथक शैली विकसित की, जिसने उन्हें शीर्ष पर पहुंचा दिया।

तारिक कहते हैं कि मैं शॉर्ट टैंपर्ड इनसान था। अगर कोई मुझसे गलत तरीके से बात करता था तो मैं उससे लड़ जाता था।

उन्होंने कहा कि स्कूल में अगर साथी कुछ ऐसा कह देते थे, जो मुझे पसंद नहीं था तो मैं उनसे भी लड़ जाता था। उन्होंने मुझे अपने ग्रुप से बाहर कर दिया। मेरे साथ जब ऐसा हुआ, तब भी मुझे पता था कि सही चुनाव क्या करना है। मैंने तब किस बॉक्सिंग करनी शुरू कर दी।

“द टैंक” ने मुक्केबाजी में अपना हाथ आजमाया था लेकिन उससे उन्हें अपने तौर-तरीके बदलने और शॉर्ट टैंपर्ड रवैये को शांत करने में मदद नहीं मिली। तारिक को एक दोस्त ने 14 साल की उम्र में किक बॉक्सिंग जिम में क्लासेज लेने की राय दी थी। उन्हें उस माहौल ने आश्चर्यचकित कर दिया था।

खबाबेज़ कहते हैं कि अपने समय में मैं बॉक्सिंग में केंद्रित और अनुशासित नहीं था इसलिए मैंने अपना रास्ता बदला और खुद को किक बॉक्सिंग के लिए समर्पित कर दिया।

वह कहते हैं कि किक बॉक्सिंग अलग थी। मैं किक बॉक्सिंग की दुनिया में खुद को और अधिक पा सकता था। मैंने अपना ध्यान और अनुशासन फिर से पाया। इससे मुझे शांत रहने और अपने व्यवहार को संभालने में मदद मिली। मैं तब से इस खेल में हूं।



“द टैंक” अब एक नए लक्ष्य पर केंद्रित हैं और सर्वश्रेष्ठ बनने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अब कोई भी उन्हें अपने मार्ग से भटका नहीं सकता है। हेग के इस योद्धा ने यूरोप में रैंकों के माध्यम से दो बार के सुपरकॉम्बैट हैवीवेट चैंपियन बनने का मौका पाया। इससे वे वैश्विक स्तर पर पहुंच गए। वहां वे वन सुपर सीरीज में सबसे रोमांचक और सफल एथलीटों में से एक के रूप में उभरे। उन्होंने परफेक्ट 4-0 का रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण हासिल किया।

अब वह अपने उस व्यक्तित्व से कोसो दूर हैं, जो वह युवा अवस्था में थे। वह अपने तौर-तरीके बदलकर खुद में एक बड़ा बदलाव लाए। उन्होंने साबित कर दिया कि बिना तौर-तरीके बदले जीवन नहीं बदला जा सकता है।

जब वह अपने होमटाउन के चारों ओर देखते हैं तो उन्हें वो लोग नजर आते हैं, जो उनसे पिछड़ गए हैं। हालांकि, आज वह खुद के द्वारा उठाए गए सही कदमों और भाग्य द्वारा दिखाए गए सही रास्तों पर चलकर बेहद खुश हैं। उन्होंने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से अपना रास्ता खुद ही बना लिया।

तारिक कहते हैं कि मैं पुराने दोस्तों और लोगों से मिला हूं। उन्होंनें जीवन में गलत रास्ता चुना है। वहीं, मैं अपने खेल और प्रशिक्षण के लिए समर्पित था और उसमें लगातार सुधार कर रहा था।

उन्होंने मुझे अहसास दिलाया कि मैं एक बेहतर व्यक्ति हूं। मैं अपने लिए बेहतर भविष्य बनाने के लिए बदल गया हूं।

खबाबेज़ पहले से ही नीदरलैंड के कई युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं। अगर वह इस शनिवार 16 नवंबर को क्रीकलिआ के खिलाफ अपना रीमैच मुकाबला जीत लेते हैं पहली ONE लाइट हैवीवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन बनने के लिए उनका प्रभाव और प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

बीजिंग में कैडिलैक एरिना इस 27 साल के योद्धा का स्वागत करने के लिए तैयार है क्योंकि उनकी स्टोरी ऐसी परिस्थितियों में फंसे युवाओं को प्रेरणा देने के लिए काफी उपयोगी है।

तारिक ने जोर देकर कहा कि मुझे एक उदाहरण के रूप में लो कि मैंने किस तरह अपने व्यवहार को बदला। अगर मैं इसे कर सकता हूं तो हर कोई यह कर सकता है।

उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी परिस्थितियां होती हैं, जिससे चीजें हाथ से निकल सकती हैं। पर अब मैं बेहतर ढंग से जानता हूं कि उनसे कैसे दूरी बनाकर चलना है।

मैं ऐसी जगह से आया हूं, जहां मैं कुछ नहीं था और मेरे पड़ोसी भी अच्छे नहीं थे। फिर भी मैंने अपना रास्ता चुना और सकारात्मक तरीके से खुद में एक बड़ा बदलाव लाया।

बीजिंग | 16 नवंबर | AGE OF DRAGONS | TV: वैश्विक प्रसारण के लिए स्थानीय लिस्टिंग की जाँच करें

ONE: AGE OF DRAGONS का प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स सिलेक्ट 2 पर शनिवार 16 नवंबर दोपहर 2:30 बजे आईएसटी पर शुरू होगा। मुख्य कार्ड की विशेषता रितु फोगट का ONE डेब्यू, 4:00 बजे आईएसटी से शुरू होगा।