नोंग-ओ Vs. असादुला इमानगज़ालिएव: ONE Friday Fights 147 के ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल फाइट में जीत की 4 कुंजी
ONE Friday Fights 147 के मेन इवेंट में दो अलग-अलग पीढ़ियों का टकराव देखने को मिलेगा, जब पूर्व ONE बेंटमवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन नोंग-ओ हामा का सामना अजेय रूसी कंटेंडर असादुला “द दागेस्तान निंजा” इमानगज़ालिएव से होगा।
हालांकि, इस बहुप्रतीक्षित मुकाबले के लिए इमानगज़ालिएव वेट मिस कर गए हैं, जिसकी वजह से वेकेंट (रिक्त) ONE फ्लाइवेट मॉय थाई वर्ल्ड टाइटल सिर्फ नोंग-ओ ही जीत सकते हैं। फिर भी इस जबरदस्त मुकाबले में दोनों के लिए दांव बहुत ऊंचे हैं।
ये मुकाबला शुक्रवार, 20 मार्च को एशिया प्राइमटाइम पर बैंकॉक, थाईलैंड के मशहूर लुम्पिनी स्टेडियम से लाइव प्रसारित होगा।
मॉय थाई के सबसे बड़े नामों में नोंग-ओ हामा का नाम शान से लिया जाता है। इस थाई दिग्गज ने इस खेल में लगभग हर मुकाम हासिल किया है और फ्लाइवेट डिविजन में उतरने के बाद उन्होंने अपनी सबसे धारदार फॉर्म दोबारा पा ली है। अब वो दो डिविजन के चैंपियन बनने की जंग लड़ रहे हैं और ये एक ऐसा मौका है जो उनके शानदार करियर के आखिरी पड़ाव को यादगार बना सकता है।
दूसरी तरफ इमानगज़ालिएव अभी तक लाजवाब रहे हैं। 22 वर्षीय नॉकआउट मशीन अपने रास्ते में आने वाले हर विरोधी को रौंदते हुए 11-0 के बेदाग रिकॉर्ड तक पहुंचे हैं। उनका मकसद एक जाने-माने दिग्गज को हराना और अपना बेदाग रिकॉर्ड बरकरार रखना है।
आइए जानते हैं कि इस शुक्रवार दोनों फाइटर्स की जीत की कुंजी क्या रहेगी।
#1 नोंग-ओ की स्ट्राइकिंग पावर
बेंटमवेट में नोंग-ओ का दबदबा उनकी जबरदस्त फिनिशिंग पावर की वजह से था। अपनी ऐतिहासिक वर्ल्ड टाइटल बादशाहत के दौरान उन्होंने लगातार पांच नॉकआउट किए और इस दौर ने उन्हें इस खेल के सबसे महान फाइटर्स में जगह दिला दी।
फ्लाइवेट में उतरने के बाद Superbon Training Camp के इस दिग्गज ने अपनी तकनीकी शैली की तरफ वापसी की और कोंगथोरानी सोर सोमाई के खिलाफ दोनों मुकाबलों में स्पीड और सटीकता को तवज्जो दी। लेकिन एक ऐसे युवा विरोधी के खिलाफ जिसने अभी तक हार का स्वाद नहीं चखा, थाई दिग्गज जानते हैं कि सिर्फ सब्र से काम नहीं चलेगा। निर्णय से जीत शायद काफी न हो और उन्हें एक दमदार फिनिश की जरूरत है।
नोंग-ओ ने खुद को पूरी तरह उस स्ट्राइकिंग पावर को वापस लाने में झोंक दिया है जिसने फिलिपे लोबो, सैमापेच फेयरटेक्स और अलावेर्दी रामाज़ानोवको ONE Championship में फिनिश किया था।
जब वो हथियार पूरी ताकत से वापस आएंगे और उनके लय पढ़ने और काउंटर टाइम करने की काबिलियत के साथ जुड़ेंगे तो इमानगज़ालिएव खुद को एक ऐसी चुनौती के सामने पा सकते हैं जिसके लिए वो बिल्कुल तैयार न हों।
#2 इमानगज़ालिएव के अटैक की विविधता
इमानगज़ालिएव कब कैसा प्रदर्शन करेंगे, ये विरोधी कभी पूरी तरह नहीं जान पाते।
Team Mehdi Zatout के इस स्टार का फिनिशिंग का जखीरा इतना अलग-अलग है कि उसकी तैयारी करना लगभग नामुमकिन हो जाता है। अपनी जबरदस्त चढ़ान के दौरान एक्स किक्स और दर्दनाक फ्रंट किक्स उनके हमले की पहचान रही हैं, जो विरोधी को सोचने पर मजबूर करती हैं और फिर असली नुकसान आता है।
उनके स्पिनिंग बैकफिस्ट ने डेडुआंगलैक टीडेड99 को धराशाई कर दिया था, जो दिखाता है कि उनके खेल की हर परत में कुछ न कुछ अनोखा है। इसके बाद उन्होंने “द एंजेल वॉरियर” पानपयाक जित्मुआंगनोन को पहले राउंड में ही हेड किक से हराकर अपना कॉन्ट्रैक्ट पक्का किया।
5 फुट 11 इंच के लगातार स्टार से आने वाले इस अनोखे और स्ट्राइकिंग के मेल से थाई दिग्गज के लिए एक अलग किस्म की मुश्किल खड़ी होती है।
नोंग-ओ का गजब का रिंग आईक्यू पैटर्न पहचानने और जो दिखे उसे काउंटर करने पर टिका है। जब अटैक सच में इतने अलग-अलग और अपरंपरागत हों, तो 300 मुकाबलों का तजुर्बा भी एक फाइटर को आने वाले खतरे के लिए पूरी तरह तैयार नहीं कर सकता।
#3 नोंग-ओ की घातक लेग किक्स
नोंग-ओ के पंच तो मशहूर हैं, लेकिन उनकी लेग किक्स शायद दमदार जखीरे का सबसे कम आंका गया हथियार हैं।
इस हथियार का कमाल तब देखने को मिला जब थाई दिग्गज ने लियाम “हिटमैन” हैरिसन की टांगों पर लगातार वार कर उन्हें बुरी तरह तोड़ डाला। यही हथियार ONE अंतरिम फेदरवेट मॉय थाई वर्ल्ड चैंपियन निको “किंग ऑफ द नॉर्थ” कैरिलो के खिलाफ भी फाइट पलटने से पहले तक कहर बरपाने के करीब था।
इमानगज़ालिएव एक सही टारगेट हैं। दागेस्तानी स्ट्राइकर स्वाभाविक रूप से सीधे खड़े होकर लड़ते हैं और पावर शॉट्स के लिए जब तैयार होते हैं तो अपना वजन पैरों पर डाल लेते हैं। ये लेग किक के लिए बिल्कुल सही है।
लगातार लेग स्ट्राइक्स रूसी स्टार की मूवमेंट को कमजोर कर सकती हैं, उनकी लय को बिगाड़ सकती हैं और उन अपरंपरागत अटैक को सीमित कर सकती हैं जिन्हें विरोधी अभी तक नहीं सुलझा पाए हैं। अगर थाई दिग्गज इसे लगातार इस्तेमाल करते रहें तो इमानगज़ालिएव का जबरदस्त फिनिश रेट काफी कम असरदार हो जाएगा।
#4 इमानगज़ालिएव की शुरुआती आक्रामकता और गति
ONE में सात मुकाबलों में इमानगज़ालिएव सिर्फ एक बार, मोहम्मद तौफीक के खिलाफ सर्वसम्मत निर्णय से जीत में, पूरे राउंड्स तक गए हैं। बाकी कोई भी मैच दूसरे राउंड से आगे नहीं पहुंचा और रूसी स्टार के मुकाबले की औसत अवधि महज 3 मिनट 12 सेकंड की है।
ये आंकड़े खुद सब कुछ बयां करते हैं। जहां पारंपरिक थाई फाइटर्स आमतौर पर पहले राउंड का इस्तेमाल विरोधी को परखने में करते हैं, वहीं “द दागेस्तान निंजा” बिल्कुल अलग अंदाज में खेलते हैं। वो तुरंत अटैक करते हैं, पहले एक्सचेंज से ही दबाव बनाते हैं और विरोधी को कभी जमने नहीं देते।
ये शुरुआती आक्रामकता न सिर्फ उन्हें स्कोरकार्ड पर जल्दी बढ़त दिलाती है बल्कि नोंग-ओ को उस सुलझी हुई लय में आने से भी रोकती है जो वक्त के साथ उन्हें और खतरनाक बनाती है।
चैंपियनशिप राउंड्स दागेस्तानी के लिए नई बात हैं इसलिए जीत का उनका सबसे साफ रास्ता एकदम सीधा है। जल्दी और लगातार अटैक करो और दिग्गज को सोचने का वक्त मत दो।