बेन वूलिस के बारे में
बेन “द प्रॉब्लम” वूलिस का जन्म ही प्रतिस्पर्धा करने के लिए हुआ था। बस सवाल इतना था कि वो किस मंच पर अपनी पहचान बनाएंगे।
इंग्लैंड के ग्रिम्सबी में जन्मे और पले-बढ़े वूलिस बचपन में 1,500 मीटर दौड़ के प्रतिभाशाली धावक थे और उनका सपना ओलंपिक में हिस्सा लेने का था। लेकिन 13 साल की उम्र में उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। उनके स्कूल के एक कोच ने छात्रों, खासकर उन बच्चों को जो अक्सर स्कूल में झगड़ों में शामिल रहते थे, मार्शल आर्ट्स आज़माने के लिए आमंत्रित किया। युवा वूलिस पहली बार जिम पहुंचे और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।
2017 में वो स्पोर्ट्स कोचिंग में बैचलर ऑफ साइंस की पढ़ाई के लिए हर्टफोर्डशायर चले गए। वहीं उन्होंने खुद को पूरी तरह ट्रेनिंग के लिए समर्पित कर दिया। अगले दो वर्षों तक वह लगभग जिम में ही रहने लगे और लगातार मेहनत से अपनी तेज, आक्रामक और रोमांचक फाइटिंग शैली विकसित की। इसी शैली ने उन्हें ब्रिटेन के किकबॉक्सिंग सर्किट में अलग पहचान दिलाई। उन्होंने कई खिताब जीते और देश के सबसे रोमांचक किकबॉक्सर्स में अपनी जगह बनाई।
फिर उनकी जिंदगी में क्रोहन रोग ने दस्तक दी और सब कुछ बदलने की कगार पर पहुंच गया।
इस ऑटोइम्यून बीमारी ने उनके शरीर को बुरी तरह प्रभावित किया। बीमारी के गंभीर दौर में उनकी हालत ऐसी हो जाती थी कि वो खड़े तक नहीं हो पाते थे। 26 साल की उम्र में वो बेहतर इलाज और रिकवरी की उम्मीद में इंडोनेशिया के बाली चले गए, लेकिन वहां उनकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और आखिरकार वापस ग्रिम्सबी लौटना पड़ा। इस दौरान उनका 15 किलो वजन कम हो गया और रोजमर्रा के कामों के लिए भी उन्हें अपने माता-पिता पर निर्भर रहना पड़ा।
डॉक्टरों ने साफ कहा कि सर्जरी ही एकमात्र विकल्प है, लेकिन उस ऑपरेशन का मतलब उनके कॉम्बैट स्पोर्ट्स करियर का अंत होता। वूलिस ने ये रास्ता अपनाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद उन्होंने अपने जीवन की सबसे प्रेरणादायक वापसी की। कड़े अनुशासन, जीवनशैली में बदलाव और लगातार मेहनत के दम पर उन्होंने अपनी बीमारी को नियंत्रित करना सीखा। धीरे-धीरे उन्होंने एमेच्योर MMA मुकाबलों में वापसी की और फिर 2023 में प्रोफेशनल डेब्यू किया। उन्होंने शुरुआत से ही शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी पहली चारों प्रोफेशनल फाइट्स पहले राउंड में फिनिश कर जीत लीं।
मई 2025 में वूलिस पूरी तरह फिट होकर दोबारा बाली लौटे। उन्होंने वहां ट्रेनिंग की और रीजनल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। लेकिन उनके करियर का सबसे बड़ा मौका 2026 की शुरुआत में आया, जब उन्हें कम समय के नोटिस पर ONE Championship से कॉन्ट्रैक्ट मिला और उनका मुकाबला पूर्व ONE बेंटमवेट किकबॉक्सिंग वर्ल्ड चैंपियन जॉन लिनेकर से तय हुआ।
उस रात वूलिस ने वो कर दिखाया, जो उनसे पहले कोई नहीं कर सका था। उन्होंने सिर्फ दो मिनट से भी कम समय में लेग किक्स के दम पर ब्राज़ीलियाई स्टार को हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की।
जिस इंसान ने अपने करियर और जिंदगी को लगभग खत्म होने की कगार से वापस खड़ा किया हो, उसके लिए रिंग में बिताया हर पल अनमोल होता है। और “द प्रॉब्लम” का इरादा है कि वो हर मौके को यादगार बनाए।
ONE Championship रिकॉर्ड्स
इवेंट के रिजल्ट्स
| रिजल्ट | खेल | तरीका | राउंड | तरीका और राउंड | प्रतिद्वंद्वी | प्रतिद्वंद्वी और इवेंट | देश | तारीख | इवेंट | |||
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हार
किकबॉक्सिंग
सर्वसम्मत निर्णय
UD
राउंड 3 (3:00)
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किकबॉक्सिंग |
सर्वसम्मत निर्णय
राउंड 3 (3:00)
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राउंड 3 (3:00) |
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युकी योज़ाजापान
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जापान |
ONE Friday Fights 162 & The Inner Circle 22 |
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हार
किकबॉक्सिंग
सर्वसम्मत निर्णय
UD
राउंड 3 (3:00)
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किकबॉक्सिंग |
सर्वसम्मत निर्णय
राउंड 3 (3:00)
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राउंड 3 (3:00) |
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पेटटानोंग पेटफर्गसथाईलैंड
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थाईलैंड |
ONE Fight Night 43: Tang vs. Gasanov |
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जीत
किकबॉक्सिंग
तकनीकी नॉकआउट (TKO)
TKO
राउंड 1 (1:57)
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किकबॉक्सिंग |
तकनीकी नॉकआउट (TKO)
राउंड 1 (1:57)
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राउंड 1 (1:57) |
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जॉन लिनेकरब्राजील
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ब्राजील |
ONE Fight Night 41: Sinsamut vs. Jarvis |
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